Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मिर्जापुर में मुमताज बीवी बनीं सोनल चौहान बोलीं:सोशल मीडिया पर शादी के प्रस्ताव बहुत आते हैं, सपनों का राजकुमार शायद आसपास ही है

    9 hours ago

    1

    0

    फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है। वह हर कलाकार को उतनी ही इज्जत और सम्मान देते थे। मुझे लगता है कि उनकी शानदार एक्टिंग के साथ उनका इंसान होना भी उनकी खासियत है। सवाल: मिर्जापुर मूवी के बाद अब किस तरह के ऑफर्स मिल रहे हैं? जवाब: ऑफर्स आ रहे हैं। उम्मीद है कि अब मुझे वैसे किरदार ऑफर होंगे, जिस तरह दर्शक मुझे देखना चाहते हैं। मैं अलग-अलग तरह के रोल करना चाहती हूं, ताकि एक ही तरह के किरदार में न बंध जाऊं और खुद को अलग-अलग भूमिकाओं में साबित कर सकूं। सवाल: आपका कोई ड्रीम रोल है, जिसे आप जिंदगी में जरूर करना चाहती हैं? जवाब: शायद मेरा ड्रीम रोल मुझे पहली फिल्म में ही मिल गया था। मुझे लव स्टोरी बहुत पसंद हैं और मैं प्यार में बहुत विश्वास करती हूं। मेरी पसंदीदा फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे हुआ करती थी। मैं सच में मानती थी कि एक राज आएगा और उसी तरह मुझसे प्यार करेगा। शायद मैंने उसे मैनिफेस्ट किया और जन्नत भी एक कल्ट लव स्टोरी बन गई। लेकिन हम कलाकार थोड़े लालची होते हैं। इसलिए मैं फिर से ऐसी लव स्टोरी करना चाहूंगी, जो बहुत आइकॉनिक हो और जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें। सवाल: इतने लंबे समय तक दर्शकों ने आपको याद रखा। इसका सबसे बड़ा श्रेय किसे देंगी? जवाब: मैं इसका सबसे बड़ा श्रेय अपनी ऑडियंस और फैंस को देना चाहूंगी। उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक मोटिवेटेड रखा और कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं यहां नहीं हूं। आज भी लोग कहते हैं कि मेरे अंदर उन्हें वही मासूमियत और जज्बा नजर आता है। यह सब उनके प्यार की वजह से है। जन्नत के इतने साल बाद भी लोगों को लगता है जैसे फिल्म कल ही रिलीज हुई थी। सोशल मीडिया पर मुझे बहुत प्यारे मैसेज और डीएम आते रहते हैं। मुझे ट्रोलिंग का सामना बहुत कम करना पड़ा है। ज्यादातर लोगों से सिर्फ प्यार और पॉजिटिविटी मिली है। सवाल: आपके पास किस तरह के डीएम आते हैं? जवाब: बहुत तरह के डीएम आते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा शादी से जुड़े मैसेज होते हैं। मुझे काफी शादी के प्रपोजल्स आते हैं और लोग अलग-अलग मजेदार तरीके से अपने दिल की बात बताते हैं। कई बार ऐसे मैसेज पढ़कर हंसी भी आती है और अच्छा भी लगता है कि लोग आज भी मुझे इतना प्यार करते हैं। सवाल: आपके पेरेंट्स भी पूछते होंगे कि शादी के लिए कोई मिला या नहीं? जवाब: नहीं-नहीं, पेरेंट्स डीएम वाले शादी के प्रपोजल्स के बारे में तो नहीं पूछते। (हंसते हुए) वैसे भी सोशल मीडिया पर आने वाले हर मैसेज को घर पर डिस्कस थोड़ी किया जा सकता है। हां, शादी को लेकर सवाल तो कभी-कभी आते ही हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई जवाब देने लायक अपडेट नहीं है। सवाल: तो सपनों का राजकुमार अभी तक नहीं मिला? जवाब: शायद मेरे सपनों का राजकुमार अभी आसपास ही हो। हो सकता है कि वह आसपास हो और मुझे अभी पता ही न हो। जब सही समय आएगा और सही इंसान मिलेगा, तब शायद मुझे भी पता चल जाएगा कि यही मेरे सपनों का राजकुमार है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान:बोले- मुझे भी कहा गया- बूढ़ा हो गया; बीच शो में उतारी टी-शर्ट, दिखाए एब्स
    Next Article
    बांग्लादेश से पिछले 9 मैच नहीं हारा भारत:एशियाड विमेंस क्रिकेट में आज सेमीफाइनल मुकाबला; जीते तो गोल्ड के लिए खेलेंगे

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment