Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेरठ में कांवड़ियों के लिए हाईटेक शिविर:1 घंटे में 900 रोटियां बना रहीं ऑटोमैटिक मशीन, 24 घंटे मेडिकल की सुविधा

    21 hours ago

    1

    0

    मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के लिए शिविर में हाईटेक व्यवस्था की गई है। हाईटेक शिविर में ऑटोमैटिक रोटी बनाने की मशीन आई है। यहां भोजन बनाने से लेकर सुरक्षा और चिकित्सा तक हर व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। शिविर में श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्रत का भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि अन्य कांवड़ियों के लिए सामान्य भोजन की व्यवस्था रहती है। शिविर संयोजक नीरज मित्तल ने बताया- कंकरखेड़ा व्यापार संघ 1999 से लगातार बिना किसी जाति या भेदभाव के शिवभक्तों की सेवा कर रहा है। इस बार भी 24 घंटे सेवा जारी है। शिविर में 20 किलो आटा एक साथ गूंधने वाली मशीन लगाई गई है, जिससे करीब 1,000 रोटियों के लिए आटा तैयार हो जाता है। इसके बाद ऑटोमैटिक रोटी मशीन एक मिनट में करीब 16 रोटियां और एक घंटे में लगभग 900 रोटियां तैयार करती है। पूरे दिन में शिविर में करीब 6 से 7 हजार रोटियां बनाई जा रही हैं। जरूरत बढ़ने पर स्वयंसेवक हाथ से भी रोटियां बनाते हैं। कंकरखेड़ा व्यापार संघ के राजेश खन्ना ने बताया कि रसोई को पूरी तरह व्यवस्थित बनाया गया है। सब्जियां काटने के लिए अलग चॉपिंग मशीन, मसाले और अन्य सामग्री तैयार करने के लिए ग्राइंडिंग मशीन लगाई गई है, जिससे कम समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार हो जाता है। भोजन पूरी तरह सात्विक रखा गया है। दोपहर और रात में दाल, चावल, मौसमी सब्जियां, पनीर, आलू-मटर और तवे की गर्म रोटियां परोसी जा रही हैं। वहीं नाश्ते और शाम के समय डोसा, चीला, आलू टिक्की, मटर चाट, पापड़ी चाट, इडली, सांभर, उपमा, पोहा, कचौड़ी, समोसा और अन्य कई व्यंजन श्रद्धालुओं को परोसे जा रहे हैं। व्रत रखने वाले कांवड़ियों के लिए अलग से फलाहार और व्रत का भोजन उपलब्ध है। यात्रा के दौरान ऊर्जा बनाए रखने के लिए शिविर में जूस के पैकेट, कैम्पा और अन्य कोल्ड ड्रिंक भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। रात में लंबी यात्रा से लौटने वाले शिवभक्तों को केसर युक्त गर्म दूध कुल्हड़ में पिलाया जाता है। शिविर में 24 घंटे मेडिकल कैंप शिविर में 24 घंटे मेडिकल कैंप भी संचालित है, जहां डॉक्टरों की टीम और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाए गए हैं, जिससे खराब मौसम में भी कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होती। शिविर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। स्नान के लिए पीछे सबमर्सिबल पंप से पानी की व्यवस्था की गई है। व्यापार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शिविर का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि हर शिवभक्त को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ सेवा और आधुनिक तकनीक का यह संगम हर साल लाखों कांवड़ियों के लिए यात्रा को आसान बना रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कैराना में SP ने कांवड़ मार्ग का किया निरीक्षण:सुरक्षा के बंदोबस्त के लिए पुलिस को दिए दिशा-निर्देश
    Next Article
    बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह अंतिम सफर पर:अंतिम यात्रा में 20 हजार लोग पहुंचे, ‘अमर रहें’ के नारे लगा रहे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment