Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेरठ में मेट्रो के बाद बनेंगे 12 नए चौकी- थाने:NCRTC द्वारा तैयार किया जाएगा मोदीपुरम में थाना और 11 स्टेशानों पर चौकी

    3 hours ago

    1

    0

    मेरठ शहर में मेट्रो और रैपिड के संचालन के बाद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। 11 मेट्रो स्टेशनों पर स्थायी पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी, जबकि मोदीपुरम में नया थाना स्थापित किया जाएगा। चौकियों का निर्माण NCRTCद्वारा किया जाएगा। चौकियां बनने तक रहेगी थाना पुलिस एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि जब तक चौकियां और नया थाना नहीं बन जाता, तब तक संबंधित थाना पुलिस को सभी स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रो स्टेशनों के आसपास यात्रियों की बढ़ती संख्या, ई-रिक्शा और ऑटो की आवाजाही तथा जाम की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिल्ली और नोएडा के मेट्रो स्टेशनों के बाहर लूटपाट और छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए मेरठ में पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। प्रत्येक स्टेशन पर महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। हर गेट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि आरआरटीएस जल्द ही पुलिस चौकियों का निर्माण कराएगा। इसके बाद वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। फिलहाल यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए हर प्रमुख प्वाइंट पर पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। स्टेशन और ट्रेन में कड़ी सुरक्षा शताब्दीनगर से बेगमपुल तक मेट्रो सफर के दौरान स्टेशनों पर यूपीएसएसएफ के जवान तैनात मिले। सुरक्षा कारणों से यात्रियों को सुरक्षाकर्मियों की फोटो और वीडियो बनाने से रोका जा रहा है। प्रवेश से पहले दिल्ली-नोएडा मेट्रो की तर्ज पर सख्त चेकिंग की जा रही है। ट्रेन के भीतर भी यात्रियों की सहायता के लिए निजी कंपनी के कर्मचारी मौजूद हैं। तकनीक से लैस सुरक्षा व्यवस्था - ईसीएस (इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम): आपात स्थिति में यात्री सीधे ड्राइवर या कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। - टॉक-बैक सिस्टम: हर कोच में अलार्म और अग्निशमन यंत्र लगे हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। - पीएसडी (प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर): स्टेशनों पर अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जो दुर्घटनाओं और आत्महत्या की घटनाओं को रोकने में मददगार हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गैस पाइप लाइन बिछा रहे युवक को डंडों से पीटा:झांसी में बाइक से आए थे हमलावर, पहले काम रुकवाया फिर मारपीट की
    Next Article
    T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद छलका श्रीलंकाई कप्तान का दर्द, नेगेटिविटी को लेकर दिया बड़ा बयान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment