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    मुरादाबाद में जिसके तीजे की तैयारी थी वो जिंदा लौटा:परिजनों का दावा था-मिल चेन में गिरे मजदूर का कचूमर बना,12 घंटे धरना-प्रदर्शन,मुआवजा भी फिक्स

    7 hours ago

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    मुरादाबाद में जिस मिल कर्मी की कथित मौत पर बुधवार को पूरा दिन हंगामा चला वो 36 घंटे बाद जिंदा घर लौट आया। घर में तीजे की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच दरवाजे हुई दस्तक पर परिजनों ने गेट खोला तो 32 साल का मिल कर्मी अरविंद सिंह सली सलामत खड़ा था। उसे देख कुछ पल के लिए तो कोई कुछ समझ ही नहीं पाया। थोड़ी देर में ये बात पूरे गांव और आसपास के गांवों में फैल गई कि जिस मजदूर की बुधवार रात दीवान शुगर मिल की चेन में कचूमर होने से दर्दनाक मौत का दावा किया जा रहा था, वास्तव में वो जिंदा है। इसके पहले परिजन ये दावा कर रहे थे कि मंगलवा/बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:20 बजे अरविंद शुगर मिल की चेन में गन्ने की पुलियां डालते समय अचानक पैर स्लिप होने से चेन में गिर गया। परिजनों ने आरोप लगाया था कि मौके पर साथी मजदूरों के लाख चिल्लाने के बाद भी मिल सुपरवाइजर, ठेकेदार और सिक्योरिटी गार्ड ने चेन नहीं रुकवाई। जिसकी वजह से मजदूर की डेडबॉडी भी मिल की चेन में गन्ने की पुलियों के साथ पिल गई और बॉडी का कचूमर बन गया। अरविंद सिंह की डेडबॉडी रिकवर नहीं होने पर परिजनों का तर्क था कि जैसे गन्ने की पुलियां चेन से गुजरने के बाद भूसी बन जाती हैं, वैसे ही डेडबॉडी और हडि्डयों की भूसी बन गई है। पहले संक्षेप में समझिए मामला क्या है 3 मजदूरों ने कहा-हमारी नजरों के सामने चेन में गिरकर कचूमर बना मुरादाबाद में दीवान शुगर मिल में बुधवार सुबह करीब 8 बजे पहुंचे कुछ लोगों ने रोते बिलखते हुए दावा किया कि रोंगटे खड़ा कर देने वाले एक हादसे में 32 साल के मजदूर की मिल में चेन में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। कुछ अन्य मजदूरों ने खुद को चश्मदीद बताते हुए कहा कि अरविंद (32 साल) पुत्र स्व. राजेंद्र मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में उत्तमपुर बहलोलपुर की मिलक गांव का रहने वाला था। वह पिछले 4 माह से मिल में काम कर रहा था। जितेंद्र, राजेंद्र और गुलशन ने खुद को चश्मदीद बताते हुए कहा कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात 12:20 बजे के करीब चेन में गन्ने की पुली डालते समय पैर फिसलने की वजह से अरविंद मिल की चेन में गिर गया। इन चश्मदीदों ने दावा किया था कि लाख गिड़गिड़ाने के बाद भी मिल प्रबंधन ने गन्ना की पेराई बंद नहीं कराई और चेन सुबह 8 बजे तक चलती रही। जिसकी वजह से उनके साथी अरविंद सिंह की जान नहीं बच सकी और वह गन्ने की पुलियों के साथ कचूमर बन गया। पत्नी ने मिल प्रबंधन पर कार्रवाई को तहरीर दी, पूरा दिन हंगामा चला मजदूर अरविंद सिंह की पत्नी अनीता ने मिल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मिल पर कई घंटे तक हंगामा चला। भारतीय किसान यूनियन भी मामले में कूद पड़ी। बड़ी तादाद में जुटे लोगों ने धरना-प्रदर्शन और हंगामा किया। इसके बाद लोग मुरादाबाद कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और यहां भी प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। तर्क दिया कि अरविंद के परिवार में उसकी पत्नी अनीता के अलावा उसके तीन बच्चे इछा (6 साल), कारब (5 साल) और लक्षित (4 साल) हैं। परिवार में वह अकेला ही कमाने वाला था। पिता की मौत हो चुकी है और वृद्धा मां चंदरवती (65 साल) की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। पूरा दिन हलकान रहे अफसर, चेन चेक कराई लेकिन डेडबॉडी नहीं मिली अगवानपुर के पास स्थित दीवान शुगर मिल पर चल रहे हंगामे से अधिकारी भी हलकान रहे। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिविल लाइंस ने मौके पर जाकर मिल में पूरी चेन को चेक कराया। लेकिन घंटों की सर्च के बाद भी मजदूर अरविंद सिंह की डेडबॉडी नहीं मिली। मिल की चेन में किसी के कचूमर बन जाने के साक्ष्य भी मौके पर हाथ नहीं आए। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। लेकिन चेन में ब्लड कंटेंट नहीं मिले। दूसरी ओर मजदूर के साथी खुद को इस कथित हादसे का चश्मदीद बताकर यह दावा करते रहे कि उन्होंने मजदूर को अपनी नजरों से शुगर मिल की चेन में गिरते हुए देखा है। मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित दीवान शुगर मिल में एक कर्मचारी को हादसे के बाद मृत मान लिया गया था, लेकिन 36 घंटे बाद वह अचानक जिंदा घर लौट आया। इस घटनाक्रम ने परिवार से लेकर प्रशासन तक सभी को हैरान कर दिया। घर में जहां मुआवजे की मांग को लेकर परिजन सक्रिय थे, वहीं तीजे की तैयारी भी शुरू हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, घटना वाली रात कर्मचारी अरविंद मिल में ड्यूटी पर था। वह गन्ने की पुल्ली मशीन में चेन डाल रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह मशीन की ओर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद मजदूरों ने शोर मचाते हुए मशीन बंद करने की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि मशीन समय पर नहीं रोकी गई, जिससे हालात बिगड़ गए और अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद अरविंद का कोई पता नहीं चला। आशंका जताई गई कि वह मशीन में फंसकर समा गया है। यह खबर परिवार तक पहुंची तो घर में कोहराम मच गया। परिजन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग करने लगे। इसी बीच घर पर तीजे की रस्म की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। प्रशासनिक अधिकारी और सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की, लेकिन दो दिनों तक अरविंद का कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान मिल प्रबंधन की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इसी बीच गुरुवार को पूरे मामले में अचानक मोड़ आ गया। अरविंद खुद अपने घर पहुंच गया। उसे जिंदा देखकर परिजन खुशी से फूट-फूटकर रो पड़े और मातम का माहौल पलभर में खुशी में बदल गया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसे के बाद अरविंद कहां था और उसने दो दिनों तक परिवार या प्रशासन से संपर्क क्यों नहीं किया। इस मामले में मिल प्रबंधन और प्रशासन दोनों की भूमिका को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं।
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