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    मिशन समाधान से दशकों पुराने भूमि विवादों का निस्तारण:48 साल बाद रामादेवी को मिला हक, 20 साल पुराना पट्टा विवाद भी सुलझा

    1 day ago

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    मैनपुरी में चल रहे "मिशन समाधान" अभियान के तहत प्रशासन ने दशकों पुराने भूमि विवादों को सफलतापूर्वक निपटाया है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गांवों में मौके पर सुनवाई कर 48 वर्ष और 20 वर्ष से लंबित पट्टा भूमि के मामलों में लाभार्थियों को कब्जा दिलाया। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यह अभियान संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तहसील कुरावली के ग्राम सुजरई रामनगर, बसुरा सुल्तानपुर और तहसील सदर के ग्राम सूरजपुर मनोना का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा नहीं, बल्कि लोगों को वास्तविक न्याय दिलाना और प्रशासन पर विश्वास मजबूत करना है। ग्राम सुजरई रामनगर में उषा देवी को लगभग 20 वर्ष पहले पट्टे पर भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन उन्हें अब तक कब्जा नहीं मिला था। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व और पुलिस टीम ने भूमि की पैमाइश की और अभिलेखों के अनुसार उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया। इसी तरह, तहसील सदर के ग्राम सूरजपुर मनोना में रामादेवी को लगभग 48 वर्ष पूर्व भूमि का पट्टा मिला था। वह वर्षों से अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही थीं। प्रशासन ने मौके पर सीमांकन और पैमाइश कराकर उन्हें उनकी भूमि पर कब्जा दिलवाया। भूमि मिलने पर रामादेवी भावुक हो गईं और उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। तहसील कुरावली के ग्राम बसुरा सुल्तानपुर में भी चार महत्वपूर्ण भूमि विवादों की सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की मौजूदगी में पैमाइश कर भूमि की वास्तविक सीमाएं तय की गईं। भविष्य में विवाद से बचने के लिए जेसीबी से हदबंदी और मेडबंदी भी कराई गई, जिससे वर्षों पुराने विवादों का सर्वसम्मति से समाधान हो सका। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी भूमि विवाद को केवल कागजी कार्रवाई के आधार पर निस्तारित न माना जाए। उन्होंने जोर दिया कि जब तक संबंधित व्यक्ति को उसका वास्तविक अधिकार और कब्जा न मिल जाए, तब तक मामले को पूर्ण रूप से निपटा हुआ नहीं माना जाना चाहिए।
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