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    मौत को मात देकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे, VIDEO:शामली में बस की छत पर, खिड़कियों से लटककर सफर करने को मजबूर

    2 hours ago

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    शामली के कुड़ाना रोड पर स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक निजी बस क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को लेकर दौड़ती दिखाई दे रही है। बस की छत पर छात्र बैठे हैं, जबकि कई बच्चे खिड़कियों और दरवाजों से लटककर सफर कर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। कुड़ाना रोड समेत आसपास के ग्रामीण मार्गों पर रोजाना ओवरलोड निजी बसों में स्कूली बच्चों को इसी तरह ले जाया जाता है। सीटें भर जाने के बाद बच्चों को बस की छत पर बैठा दिया जाता है या खिड़कियों और दरवाजों पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। हर दिन हादसे का खतरा वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस पूरी तरह ओवरलोड है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, तेज मोड़ आने या वाहन के असंतुलित होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों की जान के लिए गंभीर खतरा है। अभियानों के दावों पर उठे सवाल एक ओर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी बसों का खुलेआम संचालन इन दावों की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन ओवरलोड बसों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अभिभावकों की मजबूरी अभिभावकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण मजबूरी में बच्चों को इन्हीं बसों से स्कूल भेजना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वीडियो वायरल होने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर बच्चों की जान जोखिम में डालकर चल रही ऐसी बसों पर कार्रवाई कब होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सख्ती नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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