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    नोएडा के डॉक्टरों ने केन्या की महिला की लौटाई मुस्कान:17 साल से मैंडिब्युलर ट्यूमर से जूझ रही थी, सर्जरी के बाद सुधरा संतुलन

    3 hours ago

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    ग्रेटर नोएडा के शारदाकेयर–हेल्थसिटी ने केन्या नैरोबी की 44 साल एलिस वांगुई मुथोनी का जटिल टोटल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) रिप्लेसमेंट किया गया। इस सर्जरी के बाद वह लगभग 17 सालों से चली आ रही गंभीर जबड़े की समस्या से राहत पा सकीं। फिर से सामान्य रूप से खाना, बोलना और बिना दर्द के जीवन जीना संभव हो पाया। एलिस लगभग दो दशकों से जबड़े की गंभीर विकृति से जूझ रही थीं। यह समस्या निचले जबड़े में बने ट्यूमर की जटिलताओं के कारण शुरू हुई थी। ऐसे ट्यूमर निचले जबड़े में होने वाली असामान्य गांठें होती हैं। ये कैंसरयुक्त या गैर-कैंसरयुक्त हो सकती हैं और हड्डी, मुलायम टिशू या दांत बनने वाले टिशू से उत्पन्न हो सकती हैं। समय के साथ उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उन्हें मुंह ठीक से खोलने में कठिनाई होने लगी, खाना चबाने और बोलने में परेशानी होने लगी, चेहरे का संतुलन बिगड़ गया। ये होने लगी दिक्कत सामान्य रूप से बात न कर पाना और ठीक से खाना न खा पाना उनके जीवन की गुणवत्ता को काफी कम कर रहा था। उन्होंने पहले तीन बार सर्जरी भी करवाई, लेकिन समस्या ठीक नहीं हुई और दुर्भाग्यवश निचले होंठ की नस को भी नुकसान पहुंच गया। जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो गई। लंबे समय तक समाधान की तलाश के बाद एलिस विशेष इलाज के लिए भारत आईं। 3डी प्लानिंग कर किया इलाज यहां उनका इलाज डॉ. रोहित पुंगा, डायरेक्टर और यूनिट हेड-क्रेनियो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ने किया। उन्होंने मरीज के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इम्प्लांट के साथ राइट एक्सटेंडेड टोटल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट रिप्लेसमेंट किया। यह एक अत्यंत जटिल और उन्नत सर्जरी है, जो दुनिया के चुनिंदा मैक्सिलोफेशियल केंद्रों में ही की जाती है। इस प्रक्रिया में पहले विस्तृत सीटी स्कैन और 3डी प्लानिंग की जाती है, जिसके आधार पर मरीज के जबड़े की संरचना के अनुसार एक कस्टम इम्प्लांट तैयार किया जाता है। सर्जरी के दौरान दाईं ओर के खराब हो चुके जोड़ के हिस्सों को सावधानी से हटाकर उनकी जगह कृत्रिम जोड़ लगाया गया। इसे टाइटेनियम स्क्रू की मदद से खोपड़ी के आधार और निचले जबड़े से जोड़ा गया। डॉक्टर ने कहा दुर्लभ सर्जरी डॉ.रोहित पुंगा,डायरेक्टर एवं यूनिट हेड क्रेनियो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ने कहा कि “टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट रिप्लेसमेंट चिकित्सा क्षेत्र में होने वाली सबसे दुर्लभ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में से एक है और आमतौर पर इसे केवल विशेष क्रेनियो-मैक्सिलोफेशियल केंद्रों पर ही किया जाता है। हर मामले में बेहद सावधानी से योजना बनानी होती है और सर्जरी बहुत सटीक तरीके से करनी पड़ती है, खासकर तब जब मरीज पहले कई सर्जरी करवा चुका हो।
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