Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नोएडा में यादव सिंह केबलिंग घोटाला:विभागीय जांच में टेक्निकल सपोर्ट की तैयारी, 3 अधिकारियों की भूमिका पर फोकस

    8 hours ago

    1

    0

    यादव सिंह से जुड़े बहुचर्चित अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में नोएडा प्राधिकरण ने तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच तेज कर दी है। प्राधिकरण स्तर पर गठित जांच अधिकारी अब मामले के तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए टेक्निकल सपोर्ट की मांग करने जा रहे हैं। यह सपोर्ट फाइलिंग से लेकर ग्राउंड पर हुए कार्यों की बारीकियों को समझने में मदद करेगा, ताकि नामित अधिकारियों की भूमिका और संभावित अनियमितताओं का पूरा चित्र सामने आ सके। जांच अधिकारी इस प्रकरण में टेक्निकल सपोर्ट की औपचारिक डिमांड करेंगे। यह सपोर्ट अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों के टेंडर, निष्पादन, गुणवत्ता और भुगतान से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों का विश्लेषण करेगा। जांच टीम का मानना है कि बिना तकनीकी मूल्यांकन के अनियमितताओं की सटीक पुष्टि संभव नहीं है। तीन अधिकारियों पर शिकंजा इस मामले में आरपी सिंह (वर्तमान में महाप्रबंधक, जल-सीवर एवं ईएंडएम), निजामुद्दीन और प्रमोद के खिलाफ चार्जशीट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निजामुद्दीन और प्रमोद का पहले ही नोएडा से तबादला हो चुका है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इन अधिकारियों के नाम केंद्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में शामिल होने के बावजूद प्राधिकरण स्तर पर विभागीय जांच शासन तक नहीं पहुंच पाई थी। शासन की सख्ती, बार-बार जवाब तलब शासन ने इस देरी पर कड़ी आपत्ति जताई है। कई बार प्राधिकरण से पूछा गया कि विभागीय जांच क्यों लंबित है। अब शासन ने स्पष्ट रूप से जवाब तलब किया है। आरोप है कि जांच लंबित रहने के दौरान संबंधित अधिकारियों ने पदोन्नति का लाभ भी प्राप्त कर लिया, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। साल 2020 में अंडरग्राउंड केबलिंग प्रकरण में पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ यादव सिंह और लगभग 20 अन्य अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी हुई थी। उस समय इन तीन अधिकारियों के नाम सूची में नहीं थे। लेकिन हालिया जांच में इनके नाम सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की दिशा बदल गई है। प्राथमिकता पर जांच, जल्द रिपोर्ट प्राधिकरण के अनुसार जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपे जाने की तैयारी है। टेक्निकल सपोर्ट मिलने के बाद जांच की गति और सटीकता दोनों बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में अधिकारियों की यादव सिंह प्रकरण में कहा और किस स्तर तक शामिल है उसकी जानकारी जल्द ही सामने आ जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    होली पर चलेंगी 50 स्पेशल ट्रेनें:चारबाग, लखनऊ सिटी और गोमतीनगर से होकर गुजरेंगी लंबी दूरी की गाड़ियां
    Next Article
    बांके बिहारी मंदिर में गुब्बारों से सजावट नहीं होगी:जगमोहन में विराजमान होकर दर्शन देंगे भगवान, हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment