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    नगर निगम टेंडर घोटाले के आरोपी ठेकेदार का क्वार्टर सील:कानपुर में यहीं से चलाता था टेंडर सिंडीकेट, गेट पर BJP के पोस्टर में लगी मिली फोटो

    6 hours ago

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    कानपुर नगर निगम के टेंडर घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार चल रहे ठेकेदार गोविंद शर्मा के खिलाफ केडीए ने भी कार्रवाई की है। फजलगंज स्थित केएनटी बिल्डिंग में उसके नाम आवंटित क्वार्टर नंबर-4 पर केडीए की टीम ने कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई के दौरान क्वार्टर के गेट पर नोटिस भी चस्पा किया गया। इसी बिल्डिंग के क्वार्टर नंबर-8 में रहने वाले मोहन शर्मा के यहां भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। किराएदारी निरस्त होने के बाद कोर्ट पहुंचा था गोविंद केडीए के विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि क्वार्टर नंबर-4 दो कमरों का है। इसे गोविंद शर्मा को मासिक किराएदारी पर आवंटित किया गया था। कुछ महीने पहले केडीए ने उसकी किराएदारी निरस्त कर दी थी। किराएदारी निरस्त होने के खिलाफ गोविंद ने सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद क्वार्टर खाली कराने का रास्ता साफ हो गया। अब केडीए की टीम ने बंद पड़े क्वार्टर पर कब्जा लेकर उसे सील कर दिया। इसी क्वार्टर से सिंडीकेट चलाने का आरोप नगर निगम के टेंडरों में मिलीभगत और वसूली के आरोपों के बीच गोविंद शर्मा का यह क्वार्टर पहले से चर्चा में रहा है। आरोप है कि वह इसी क्वार्टर से नगर निगम की ठेकेदारी का सिंडीकेट चलाता था। यहां सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का भी आना-जाना लगा रहता था। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान क्वार्टर के बाहर भाजपा के एक कार्यक्रम का पोस्टर भी लगा मिला। पोस्टर में गोविंद शर्मा की फोटो भी लगी हुई थी। बड़े टेंडरों में रहता था दखल नगर निगम के ठेकेदारों के सिंडीकेट में गोविंद शर्मा की अहम भूमिका बताई जा रही है। आरोप है कि नगर निगम के बड़े टेंडरों में उसका दखल रहता था। उसकी दहशत के चलते दूसरे ठेकेदार उसके खिलाफ टेंडर डालने से बचते थे। जांच में सामने आया है कि उसके सिंडीकेट से करीब 10 से 12 ठेकेदार जुड़े थे। आरोप है कि ये लोग नगर निगम के साथ दूसरे सरकारी विभागों के टेंडरों में भी मिलीभगत करते थे। फजलगंज थाने में दर्ज है FIR नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और सिंडीकेट का मामला सामने आने के बाद फजलगंज थाने में ठेकेदार गोविंद शर्मा, रज्जन बाजपेई और संदीप जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में पांच फर्मों के खिलाफ भी केस दर्ज है। रज्जन बाजपेई और संदीप जैन को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि गोविंद शर्मा अभी फरार है। अब केडीए ने उसके क्वार्टर पर कब्जा लेकर उसे सील कर दिया है।
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