Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नकली दवाओं के साथ पकड़े गए आरोपी की जमानत खारिज:लखनऊ कोर्ट ने कहा- जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ गंभीर, जांच अभी बाकी

    18 hours ago

    1

    0

    लखनऊ की सत्र अदालत ने नकली दवाओं के कथित बड़े रैकेट में गिरफ्तार आरोपी भूपेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में बरामद संदिग्ध दवाएं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होना बाकी है। ओमनी वैन से बरामद हुई थी बड़ी खेप अभियोजन के अनुसार 16 जुलाई 2026 की शाम बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र के किसान पथ स्थित मनपुर खंदनजा मार्ग पर संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर एक ओमनी वैन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। मौके पर मौजूद भूपेंद्र सिंह और चालक अंकित साहू कोई वैध ड्रग लाइसेंस या खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। कंपनी की जांच में ALKASOL दवा मिली नकली जांच के दौरान दवा कंपनी के प्रतिनिधियों को बुलाकर जब्त दवाओं का मूल उत्पादों से मिलान कराया गया। जांच में पैकिंग, लेबल और फॉन्ट में कई अंतर पाए गए। कंपनी ने ALKASOL Sugar Free की खेप को पूरी तरह नकली घोषित किया, जबकि अन्य दवाओं को भी संदिग्ध बताया गया। बरामद दवाओं में Rubired, ALKASOL Sugar Free और Mucaine Gel की दो हजार से अधिक बोतलें शामिल थीं। अभियोजन का दावा- अमीनाबाद में होनी थी सप्लाई सरकारी पक्ष के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह दवाओं की खेप अमीनाबाद पहुंचाने जा रहा था। जांच में उसने कथित रूप से राज विक्रम सिंह और विनीत कुमार सिंह के नाम भी बताए, जिन्हें अवैध भंडारण और सप्लाई नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है। मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी अलग विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बचाव पक्ष ने कहा- सिर्फ परिवहन के लिए गया था आरोपी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वह केवल वाहन के साथ परिवहन के उद्देश्य से गया था। दवाओं से उसका कोई संबंध नहीं है और न ही उसने कभी दवाओं की खरीद या बिक्री की है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी एलएलबी का छात्र है, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसे झूठा फंसाया गया है। भास्कर और एफएसडीए की रिपोर्ट का भी हुआ उल्लेख जमानत आदेश में अदालत ने उल्लेख किया कि दैनिक भास्कर और एफएसडीए की रिपोर्ट में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त नकली दवा गिरोह का जिक्र सामने आया था। आदेश में यह भी दर्ज है कि आवेदक ने जांच के दौरान बताया कि वह राज विक्रम सिंह की देवरा फार्मा मेडिकल स्टोर में काम करता था तथा उसका पारिवारिक संबंध भी राज विक्रम सिंह के परिवार से है। कोर्ट ने कहा- जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला लखनऊ सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने आदेश में कहा कि आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में बरामद नकली और संदिग्ध दवाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। आरोपों की गंभीरता, बरामदगी की मात्रा और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसी आधार पर अदालत ने भूपेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    फर्रुखाबाद में बूंदाबांदी के बाद झमाझम बारिश:टेंपरेचर गिरा, धान की फसल को फायदा, सब्जी को हो सकता है नुकसान
    Next Article
    महराजगंज में दिव्यांग बोर्ड का सोमवार को आयोजन:बीआरसी कैंप के चलते सीएमओ ने जारी की सूचना

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment