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    नवनियुक्त DGP राजीव कृष्ण की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस:बोले- बीते एक साल में अपराध में कमी आई लेकिन साइबर क्राइम बढ़े

    10 hours ago

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    यूपी के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें बतौर कार्यवाहक DGP एक साल पूरे करने का लेखाजोखा रखा। उन्हें 1 जून, 2025 को कार्यवाहक DGP नियुक्ति किया था। वहीं, रविवार (31 मई) को उन्हें परमानेंट DGP के रूप में नियुक्ति मिली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव कृष्ण ने कहा- बीते एक साल में हमने अपने लक्ष्य तके अनुरूप काम किया गया है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत काम किया गया। इससे अपराध में कमी आई। हालांकि, साइबर अपराध में बढ़े हैं। सभी थानों पर बने शक्ति केंद्र मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत सभी थानों पर 'शक्ति केंद्र' बनाया गया। सामाजिक अपराधों जैसे दहेज, घरेलू झगड़े के बारे में लोगों को अवेयर किया गया है। शक्ति केंद्रों में महिलाओं की बात सुनने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। कार्रवाई के बाद फीडबैक भी लिया जाता है। महिला अपराधों में भी काफी गिरावट आई है। शिकायतों की थाने व चौकी स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। यक्ष एप की वजह से 32 साल बाद पकड़ा गया अपराधी एडवांस लेवल की साइबर सेफ्टी को लेकर केंद्रीय स्तर पर बड़ा इंस्टीटूशन बनाया जा रहा है। यक्ष एप के माध्यम से 1 लाख पुलिसकर्मी जुड़े हुए हैं। जो व्यवस्थाएं केंद्र सरकार की ओर से की गई हैं उसे जमीन पर उतारा गया है। 62 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। 450 करोड़ रुपए की धनराशि सीज की गई है। यक्ष एप के माध्यम से 32 साल बाद एक अपराधी पकड़ा गया। एक्सीडेंट की संख्या में पहली बार कमी आई है। 11.5% मौत में और 7.5% हादसे में कमी आई है। यह एक हाईटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है। इस साल 2 चीजों को विशेष तौर पर शुरू किया है। 3 साल पहले कानून में बदलाव को लागू किया गया है। इसका उद्देश्य, त्वरित, पारदर्शी और सुगम तरीके से लोगों को सहायता मिले। 60 दिन में चार्जशीट भेजना, नए एविडेंस के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है। ई सम्मान इसका तीसरा चरण है। कोर्ट से ई सम्मान थानों के पास आयेंगे। संगठित अपराधी और माफिया के ख़िलाफ़ कठोरतम करवायी की जाए। कोर्ट ने असलहों के बारे में जो जानकारी मांगी है, वो दी जा रही है। आतंकवाद के स्वरूप में भी परिवर्तन आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे देकर लोगों को जोड़ा जा रहा है।
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