Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल को CMO ने दिया नोटिस:3 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो निरस्त होगा लाइसेंस

    5 hours ago

    1

    0

    गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाइटेक हास्पिटल को मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डा. राजेश झा ने शुक्रवार की रात नोटिस जारी किया है। इसी हास्पिटल में मोतियाबिंद के आपरेशन के बाद लगभग 19 लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी। डीएम दीपक मीणा ने इसकी जांच एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र को सौंपी थी। एडीएम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। उसमें आपरेशन थियेटर में वैक्टीरिसल इंफेक्शन मिला है और आपरेशन के लिए उपयोग किए गए उपकरण भी इंफेक्टेड मिले हैं। पीड़ितों ने भी आंख में दिक्कत की बात मानी लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की। एडीएम की रिपोर्ट आने के बाद डीएम के निर्देश पर CMO ने हास्पिटल को नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट का हवाला देते हुए हास्पिटल प्रबंधन से पूछा गया है कि इतनी खराब व्यवस्था के कारण आपका लाइसेंस क्यों न निरस्त कर दिया जाए। अब हास्पिटल प्रबंधन की ओर से जवाब दिया जाएगा। माना जा रहा है कि कोई संतोषजनक जवाब मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में अगले सप्ताह हास्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। इस दौरान नहीं संचालित होगी कोई गतिविधि CMO ने यह भी निर्देश दिया है कि नोटिस का जवाब आने तक हास्पिटल में किसी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं रहेगी। इसपर रोक लगा दी गई है। हास्पिटल प्रबंधन की ओर से जवाब आने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए क्या था मामला फरवरी महीने की पहली व दूसरी तारीख को सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में नेत्र शिविर लगा था। इस शिविर के जरिए दो दिन में 30 मरीजों का मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया। 2 फरवरी को जिनका आपरेशन हुआ, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। धीरे-धीरे 18 लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया। हालात बिगड़ने पर हास्पिटल प्रबंधन ने मामला मैनेज करने का प्रयास किया। प्रभावित मरीजों की आंखों का इलाज उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है। लेकिन अलग-अलग अस्पताल में इलाज के दौरान 9 लोगों की आंख निकालनी पड़ी। 9 और लोगों के आंखों के आंख की रोशनी चली गई थी, जिसमें से एक की रोशनी आ गई। स्वास्थ्य विभाग ने सील किया था ओटी इस घटना के बाद से जिलाधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीएमओ ने अस्पताल की ओटी को सील कर दिया था। शेष अस्पताल खुला था। हालांकि मरीज वहां नहीं पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच के लिए समिति का गठन किया। समिति ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सुलतानपुर में दहेज के लिए विवाहिता को पीटा, गहने छीने:पति व सुसराल वालों ने 10 लाख और कार मांगी, सुलह के लिए नहीं पहुंचा कोर्ट
    Next Article
    मिर्जापुर स्टेशन पर दो नाबालिग बालिकाएं मिलीं:घरवालों को बिना बताए जा रही थीं दूसरे शहर, परिजनों को सूचना दी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment