Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    NSA डोभाल के कमरे में घुसे कई रूसी अधिकारी, अंदर क्या हुआ?

    3 hours from now

    2

    0

    भारत और रूस के बीच कुछ ना कुछ तो बहुत बड़ा चल रहा है। हमने आपको खबर दिखाई थी कि पुतिन के सबसे करीबी नेता और रूस के फर्स्ट डेपटी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटूरोव भारत के दौरे पर हैं। व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, फर्टिलाइज़र्स, कनेक्टिविटी सभी को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन मामला तब दिलचस्प हुआ जब डेनिस मॉनटोरोव पीएम मोदी और भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोबाल से मिलने पहुंच गए। पीएम मोदी ने डेनिस मॉनटोरोव को जो कहा वह शायद आज तक किसी नेता से नहीं कहा। दरअसल कई लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि भारत पाकिस्तान पर एक्शन लेगा। पीओके में कुछ ऑपरेशन करेगा। इसीलिए शायद रूस का एक डेलीगेशन भारत से मिलने आया है। लेकिन डिप्लोमेसी में ऐसा नहीं होता। इसे भी पढ़ें: जंग के बीच हो गया बड़ा खेल, भारत ने इस देश को भेजा 10 लाख किलो चावलअगर भारत को कोई बड़ा ऑपरेशन करना होता तो भारत की टीम रूस पहुंचती। लेकिन यहां पर रूस भारत आया है। यानी साफ है कि इस वक्त रूस को भारत की जरूरत है। यहीं पर एंट्री होती है पीएम मोदी की। डेनिस मोंटरोव जब पीएम मोदी से मिलने पहुंचे तो पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे घर में आपका स्वागत है। दूसरे घर में आपका विशेष स्वागत है। यानी पीएम मोदी ने रूसी डेलीगेशन से कहा कि भारत आपका दूसरा घर है। पीएम मोदी ने डेनिस मॉनटिरोव से कहा कि राष्ट्रपति पुतिन को मेरा संदेश भी पहुंचाइएगा। आप ही बताइए कि इससे पहले कभी आपने पीएम मोदी के मुंह से किसी नेता को यह कहते सुना है कि भारत आपका दूसरा घर है? दरअसल इस वक्त रूस एक बड़ी दुविधा में फंसा है। इसीलिए रूस भारत को अपना दूसरा घर मानते हुए यहां पहुंचा है। रूस के पास पिछले 4 साल से चल रही जंग से हुए नुकसान की भरपाई का एक बड़ा मौका है। रूस दुनिया को तेल बेचकर जमकर पैसा कमाना चाहता है। लेकिन रूस की मजबूरी यह है कि वह सिर्फ कच्चा तेल बेच सकता है। मगर दुनिया की मजबूरी यह है कि वह रूस के कच्चे तेल को प्रोसेस नहीं कर सकती। इसे भी पढ़ें: अचानक भारत में उतरा रूस का ताकतवर व्यक्ति, बड़ी हलचल शुरू!यानी बेचने वाला जो चीज बेचना चाहता है, खरीदने वाले को वह चीज नहीं चाहिए। इस वक्त दुनिया को कच्चे तेल से ज्यादा कच्चे तेल से तैयार होने वाला पेट्रोल और डीजल चाहिए। रूस मौजूदा स्थिति में कच्चे तेल से तैयार होने वाला पेट्रोल और डीजल नहीं बेच पा रहा है। इसकी पहली वजह यह है कि रूस के पास इतनी जल्दी और इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बनाने के साधन नहीं है। दूसरा यह कि यूक्रेन ने रूस की ऑयल रिफाइनरीज पर हमले कर दिए हैं। ऐसे में रूस ने भारत को अनलिमिटेड क्रूड ऑयल बेचने का ऑफर दिया है। रूस ने भारत से कहा है कि आप हमारे कच्चे तेल को प्रोसेस करके पेट्रोल और डीजल बनाइए। उसके बाद यही पेट्रोल और डीजल दुनिया को बेच दीजिए। जानकारी के लिए बता दें कि भारत वो इकलौता देश है जिसके पास किसी भी प्रकार के कच्चे तेल को तुरंत और बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल में बदलने की टेक्नोलॉजी है। भारत रूस का तेल भी प्रोसेस कर सकता है और वेनेजुएला का भी। इसीलिए पैसा कमाने के लिए रूस चाहता है कि भारत उसके कच्चे तेल को प्रोसेस करें और उससे बनने वाले फिनिश्ड प्रोडक्ट्स को अफ्रीका, यूरोप और चीन तक को बेच दे। बहरहाल अब रूस को भारत से कुछ चाहिए तो भारत ने भी कुछ ना कुछ मांगा होगा। यहीं पर एंट्री होती है एनएसए अजीत डोवाल की। सीढ़ियों से नीचे उतर रहे रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मोंटरोव अपने अधिकारियों के साथ एनएसए अजीत डोबाल से मिलने पहुंच गए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि रूस के डेपुटी प्राइम मिनिस्टर बेसब्री से अजीत डोबाल का इंतजार करते दिखे। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो 83 साल के भारतीय धुरंधर की मुस्कुराहट बता रही है कि यहां पर किसी ना किसी की तो फील्डिंग सेट हो रही है। आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक अमेरिकी एजेंट मैथ्यु वेंडाइक था और बाकी के छह यूक्रेनी एजेंट्स थे। भारत इसी से जुड़ी कई और डिटेल्स रूस से मांग रहा है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Lucknow से Akhilesh Yadav का BJP पर बड़ा हमला, बोले- सरकार के खिलाफ उठने वाली हर आवाज दबाई जा रही
    Next Article
    भारतीय सेना के साथ बांग्लादेश की बड़ी बैठक, ईरान जंग के बीच क्या बड़ा खेल?

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment