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    ओडिशा के सीएम पहुंचे प्रयागराज:नैनी परमार्थ में जगन्नाथ जी की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

    5 hours ago

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    तीर्थराज प्रयागराज की पावन त्रिवेणी संगम स्थली पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, संगम तट पर भगवान श्री जगन्नाथ धाम की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का दिव्य, अलौकिक और अप्रतिम अवसर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ शुरू हुआ। पांच दिवसीय अनुष्ठान स्वामी चिदानन्द सरस्वती के नेतृत्व में सम्पन्न हो रहा है। दिव्य अनुष्ठान में बुधवार को चौथे दिन उडी़सा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी lने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत प्रतीक बताया। इस मौके पर सीएम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री जगन्नाथ की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। परमार्थ में वैदिक अनुष्ठान के बीच हवन और पूजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में शांति, समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण की प्रार्थना की। सांस्कृतिक विरासतों के अद्भुत संगम का प्रतीक सीएम मोहन चरण ने कहा कि यह महोत्सव उत्तर और पूर्व भारत की दिव्य सांस्कृतिक विरासतों के अद्भुत संगम का प्रतीक है। श्री जगन्नाथ धाम संस्कृति, उड़ीसा की आत्मा है, आज संगम की पावन धरती पर स्थापित होकर सम्पूर्ण भारत की आध्यात्मिक चेतना को नव स्पंदन प्रदान कर रही है। जगत के नाथ है जगन्नाथ स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अपने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ ‘जगत के नाथ’ हैं, वे सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में बांधने का संदेश देते हैं। परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में स्थापित श्री जगन्नाथ धाम आध्यात्मिक चेतना, सेवा, संस्कार और समर्पण का केन्द्र बन कर उभरेगा और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी का स्वयं यहां आना उत्तर व पूर्व की संस्कृतियों को और सुदृढ़ बनायेगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी ने कहा कि प्रयागराज की इस पावन भूमि, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में भगवान श्री जगन्नाथ धाम की स्थापना उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करेगी। यह आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ धाम को संगम की धरती पर स्थापित करने की इस दिव्य अद्भुत, अलौकिक व अनुकरणीय पहल को हम नमन करते हैं। सम्पूर्ण उडी़सा वासियों की ओर से इस अद्भुत पहले हेतु अनेकानेक साधुवाद व नमनवंदन। परमार्थ घाट पर हुई भव्य यमुना आरती संध्या समय परमार्थ त्रिवेणी पुष्प स्थित परमार्थ न्यू अरैल घाट पर मां गंगा जी की दिव्य एवं भव्य आरती का आयोजन हुआ। संगम तट पर मंत्रों की गूंज, शंखध्वनि और भक्तों की आस्था से पूरा वातावरण दिव्यता से आलोकित हो उठा। मुख्यमंत्री माझी ने स्वयं आरती में सहभागिता कर त्रिवेणी संगम का आशीर्वाद लिया और पर्यावरण संरक्षण व नदी स्वच्छता के संकल्प को दोहराया।श्री जगन्नाथ धाम की स्थापना से यह सम्पूर्ण क्षेत्र अब एक नए आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक तीर्थ के रूप में विकसित होगा, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आकर प्रेरणा प्राप्त करेंगे। पूर्व राज्यपाल को किया याद इस पावन अवसर पर पूज्य स्वामीजी ने माननीय पूर्व राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि त्रिवेणी पुष्प, जो आज एक दिव्य एवं प्रेरणादायी स्वरूप में विकसित हो रहा है। उनकी प्रखर चेतना, दूरदृष्टि और आध्यात्मिक संकल्प का ही साकार रूप है। भगवान श्री जगन्नाथ का यह धाम और संगम तट पर मां गंगा की यह पावन आरती राष्ट्रीय एकात्मता, आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई ज्योति प्रज्वलित कर देवभक्ति व देश भक्ति का दिव्य संदेश प्रसारित करेगी। कार्यक्रम में सभी विशिष्ट अतिथियों को रूद्राक्ष का दिव्य पौधा, अंगवस्त्र और रूद्राक्ष की माला आशीर्वाद स्वरूप भेंट की।
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