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    ऑपरेशन के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, हाईवे पर लेटी महिलाएं:प्रयागराज में 2 किमी लंबा जाम; पति बोला- मेरी बीवी हंसते हुए आई थी

    5 hours ago

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    प्रयागराज के एक अस्पताल में प्रसव के दौरान मां और नवजात बच्चे की मौत हो गई। महिला को 29 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद मां की भी मौत हो गई। इस पर आक्रोशित घरवालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। हाईवे पर 2 किमी लंबा जाम लग गया। घरवालों ने सड़क पर लेटकर अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की। पति ने कहा- मेरी बीवी हंसते हुए आई थी, सर्जरी होने के बाद भी सही थी। बाद में अस्पताल की ओर से कुछ प्रक्रियाओं के लिए कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। फिर उसकी मौत हो गई। चक्काजाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की तहरीर पर थाना हंडिया में डॉ अंकिता पाठक, आशुतोष पाठक, आर्यन पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वहीं परिजनों ने आश्वासन मिलने के बाद 6 घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। मामला उतरांव थाना क्षेत्र का है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला आरा कला गांव में रहने वाले विपिन कुमार ने पत्नी वंदना देवी (24) को 29 सितंबर की दोपहर प्रसव के लिए डॉ. पाठक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया था। घरवालों का कहना है कि डॉक्टरों ने पहले सामान्य डिलीवरी की बात कही थी। लेकिन, बाद में इमरजेंसी बताते हुए ऑपरेशन करने की बात कही। 30 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे वंदना का ऑपरेशन किया गया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने वंदना को ब्लीडिंग होने की बात कहते हुए दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई। साथ ही बच्चेदानी निकालने की बात कही। रात 1 बजे हुई महिला की मौत डॉक्टरों ने महिला के घरवालों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए। फिर शाम करीब 7 बजे वंदना का दोबारा ऑपरेशन किया गया। रात करीब 9 बजे उसको आईसीयू में ले जाया गया। इसके बाद रात करीब 1 बजे डॉक्टरों ने घरवालों को वंदना की मौत होने की बात बताई। घरवालों का आरोप है कि इलाज के दौरान उनसे अलग-अलग मदों में रुपए जमा कराए गए। खून के लिए करीब 14 हजार रुपए, आईसीयू और दवाओं के लिए अलग से रुपए लिए गए। पति बोला- मुझसे कोरे कागज पर साइन कराए पति विपिन कुमार ने बताया- मेरी बीवी हंसते हुए आई थी, सर्जरी होने के बाद भी सही थी। बाद में अस्पताल की ओर से कुछ प्रक्रियाओं के लिए कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई। डॉक्टर ने हमें बताया था कि जरूरत पड़ने पर बाहर से विशेषज्ञ बुलाएंगे। लेकिन, पत्नी ने हमें बताया था कि ऑपरेशन डॉ. अंकिता ने खुद किया है। ऑपरेशन के बाद अस्पताल कर्मियों ने मुझसे, मेरे पिता और सास से कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए थे। अस्पताल तुरंत सीज करने की मांग विपिन ने बताया- अस्पताल प्रशासन ने मुझे बताया कि पत्नी की बच्चेदानी निकालनी पड़ सकती है। इस पर मैंने पत्नी की जान बचाने को प्राथमिकता बताते हुए सहमति दे दी थी। इसके बाद मुझे पत्नी की स्थिति के बारे में सही बात नहीं बताई गई। पति ने डॉक्टरों पर लूटपाट और छोटे समाज के लोगों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई है कि अस्पताल को तुरंत सीज कर उन्हें न्याय दिया जाए। सास बोलीं- पैसा-खून दिया, फिर भी नहीं बची बहू मृतका की सास गायत्री देवी ने कहा- इलाज के दौरान अस्पताल की ओर से जब-जब पैसे मांगे गए, हमने पैसे दिए गए। यहां तक कि खून की जरूरत बताई, तो खून का भी इंतजाम किया गया। इसके बावजूद मेरी बहू की जान नहीं बच सकी। मेरी बहू को हंसते-बोलते हुए ऑपरेशन के लिए ले जाया गया था। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि बच्चेदानी निकालनी पड़ सकती है। हमने डॉक्टरों से सिर्फ इतना कहा था कि हमारी बहू हमें सही-सलामत मिल जाए। सास का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद बहू को दोबारा अंदर ले जाया गया, लेकिन परिवार को उससे मिलने नहीं दिया गया। जब हम लोग बहू को देखने के लिए वार्ड में जाने लगे, तो अस्पताल कर्मियों ने हमें रोक दिया। पुलिस ने दर्ज की एफआईआर परिजनों की 50 लाख मुआवज, आवासीय पट्टा और अस्पताल के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की थी। परिजनों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। FIR के अनुसार, डॉक्टरों ने मौत की बात छिपाकर मरीज को जबरन ग्लोबल अस्पताल रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। इसके बाद जब परिजन विरोध करने पाठक अस्पताल पहुंचे, तो उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गई, जिसके आधार पर थाना हंडिया में डॉ अंकिता पाठक, आशुतोष पाठक , आर्यन पाठक के खिलाफएफआईआर दर्ज कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। वहीं परिजनों ने आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- पूर्व IAS दिव्या मित्तल कहां से चुनाव लड़ेंगी, मिर्जापुर से ताल ठोकेंगी या राजा भैया के साथ जाएंगी पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखेंगी। राजा भैया के साथ वायरल तस्वीर और मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल से पुराने विवाद ने सियासी गलियारों में अटकलें तेज कर दी हैं। सपा-कांग्रेस की ओर से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी मिल चुका है। पढ़ें पूरी खबर
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