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    औरैया में सैंकड़ों शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता का किया विरोध:प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कानून संशोधन की गुहार लगाई

    2 hours ago

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    यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने दिबियापुर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की गई। प्रदर्शन के बाद एक मशाल जुलूस निकाला गया और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन मंगलवार को दिबियापुर स्थित मंडी समिति में यूटा मंडल संयोजक नीरज राजपूत और जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इसमें सैंकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुईं। जुलूस के बाद संगठन की ओर से क्राइम इंस्पेक्टर शेर सिंह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मंडल अध्यक्ष नीरज राजपूत ने बताया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 29 जुलाई 2011 को लागू हुआ था। उस समय अधिनियम में यह व्यवस्था थी कि इसके लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलेगी। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित अधिनियम संख्या 24 ऑफ 2017 के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 तक सभी शिक्षकों के लिए दो साल में टीईटी करना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले के कारण देश भर के लाखों वरिष्ठ शिक्षकों के सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। यूटा ने घोषणा की है कि वह ऐसे शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए सरकार और कोर्ट तक संघर्ष करेगा। जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल ने शिक्षकों से एकजुटता दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राठौर और अन्य पदाधिकारी कानून में संशोधन के लिए केंद्र सरकार के सांसदों और मंत्रियों से लगातार संपर्क में हैं। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी प्रयास भी जारी हैं। महामंत्री विनय वर्मा ने बताया कि लाखों शिक्षकों के साथ न्याय की मांग को लेकर सभी जिलों से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। धरना प्रदर्शन के बाद शाम को शिक्षकों ने मंडी समिति से परमहंस बगिया तक मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। इस अवसर पर जिला संयुक्त मंत्री धर्मेंद्र अम्बेडकर, नेत्रपाल सेंगर, शशिकांत गौतम, प्रवीण त्रिपाठी, राहुल यादव, नरेंद्र कुशवाहा, हेमंत प्रजापति, दीपक गुप्ता, लक्ष्मीकांत राजपूत, शरद कुमार, पंकज कुमार, हिमांशु गौतम, आशीष त्रिपाठी, वरुण कुमार, मुर्शीद सिद्दीकी, प्रशांत चौबे, अवनीश शाक्य, अवनीश राजपूत, ओमकार गौतम, अमित कुमार, प्रशांत गुप्ता, आदित्य गुप्ता, शिवम पोरवाल, शिवम यादव, भरत यादव, शुभम पोरवाल, रविकांत, दुर्गेश कुशवाहा, सौरभ वर्मा, कुलदीप पोरवाल, मुहित सिद्दीकी सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
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