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    पुलिस को चकमा देकर विनोद साहनी घर पहुंची पल्लवी पटेल:बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचीं, बोलीं- आतंकवादियों से ज्यादा खतरा जातंकवादियों से

    2 hours ago

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    गोंडा में सिराथू विधायक पुलिस को चकमा देकर विनोद साहनी के घर पहुंच गईं। गोंडा-बाराबंकी बॉर्डर तक जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। इसी बीच सिराथू विधायक पल्लवी पटेल रविवार सुबह पुलिस को चकमा देकर अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मृतक के घर पहुंच गईं। दरअसल, चंद्र शेखर के आने की खबर को लेकर पुलिस उनके पीछे लगी हुई थी। इसी बीच पल्लवी पटेल मौका पाकर अपने कुछ लोगों के साथ बैरिकेडिंग पार करके निकल गईं। घर पहुंचर उन्होंने पल्लवी पटेल ने विनोद साहनी की पत्नी ऊषा देवी, बेटे राजा साहनी और बेटियों रागिनी व विजयलक्ष्मी से मुलाकात की। उन्होंने परिवार से घटना की जानकारी ली, शोक जताया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। परिवार से मुलाकात के बाद विधायक ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पीड़ित परिवार को नौकरी, मुआवजा और सुरक्षा देने की मांग की। देखें 3 तस्वीरें… अब जानें पूरा मामला…. रविवार 11:40 बजे को सिराथू विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर रेक्सडिया गांव स्थित विनोद साहनी के घर पहुंच गईं। पुलिस को उनके पहुंचने की सूचना मिली तो विनोद साहनी के घर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक परिवार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि विनोद साहनी निषाद और मल्लाह समाज के लिए आवाज उठाते थे। जिस तरह उनकी हत्या की गई, उससे दलित, शोषित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग अंदर तक डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आज सीमाओं पर आतंकवादियों से ज्यादा खतरा 'जातंकवादियों' से है। विधायक ने कहा कि संगठित अपराध और दिनदहाड़े हत्याओं के कारण परिवार उजड़ रहे हैं। सरकार हर बार सिर्फ प्रयास करने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। उनका आरोप था कि सत्ता संरक्षित लोगों की सुनवाई होती है, जबकि पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। घायल विनोद ने खुद लिया था आरोपियों का नाम पल्लवी पटेल ने कहा कि विनोद कुमार साहनी ने घायल अवस्था में खुद आरोपियों के नाम बताए थे। उन्होंने दावा किया कि गोलू सिंह और आकाश सिंह के नाम विनोद की ओर से दी गई तहरीर में भी दर्ज हैं। विधायक ने कहा कि अगर आरोपियों को बचाने के लिए ऊपर से किसी तरह का दबाव आता है तो वह परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और अपनी क्षमता के अनुसार न्याय की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि चार लोगों की गिरफ्तारी और दो अधिकारियों के निलंबन भर से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। परिवार का एक सदस्य चला गया और पूरा परिवार बिखर गया है। इसलिए सरकार को परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा देनी चाहिए। सोशल मीडिया पोस्ट पर बोलीं- वंचितों की आवाज को अपराध न बनाएं विनोद साहनी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के सवाल पर पल्लवी पटेल ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है। उनका आरोप था कि जब पीड़ित और वंचित समाज अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है तो उसे अपराध की श्रेणी में लाने की कोशिश होती है, जबकि सदन में पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर भी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था जरूर कायम है, लेकिन न्याय व्यवस्था की जमीनी हकीकत कागजों से अलग दिखाई देती है। पीड़ित परिवार को सिर्फ अधिकारियों के निलंबन या आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षा और न्याय की गारंटी चाहिए। परिवार को नौकरी-मुआवजा और सुरक्षा की मांग पल्लवी पटेल ने कहा कि विनोद की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें बिना किसी दबाव और पक्षपात के गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत कार्रवाई की भी मांग की। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा, सुरक्षा और असलहा देने की मांग रखी। विधायक ने कहा कि अगर आरोपियों को बचाने के लिए किसी स्तर से दबाव बनाया गया तो वह परिवार के साथ खड़ी होकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल गिरफ्तारी कराना नहीं, बल्कि ऐसे परिवार को न्याय और सुरक्षा दिलाना है, जिसने हत्या की घटना में अपना सदस्य खोया है। ------------------------------------ ये यूपी एक्सप्लेनर पढ़ें - मुख्तार के रिश्तेदारों की संपत्ति हाईकोर्ट ने क्यों रिलीज की, क्या कमजोर है यूपी का गैंगस्टर एक्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों की संपत्तियां रिलीज कर दीं। एक अन्य मामले के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट को ‘स्टिलबॉर्न’ (पैदा होते ही मर जाना) यानी ‘मरा हुआ कानून’ बताया। महाराष्ट्र के ‘मकोका’ और गुजरात के ‘गुजसीटॉक’ कानूनों से तुलना करते हुए गैंगस्टर एक्ट की कानूनी खामियों की ओर इशारा किया। पढ़िए पूरी खबर…
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