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    पुलिस पासिंग आउट परेड में दिखीं संघर्ष की कहानियां:कठिन हालातों को मात देकर युवाओं ने हासिल की वर्दी

    3 hours ago

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    रिज़र्व पुलिस लाइन्स में आयोजित पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह इस बार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह नवप्रशिक्षित आरक्षियों के संघर्ष, त्याग और दृढ़ संकल्प की प्रेरक कहानियों का मंच बन गया। समारोह के दौरान कई प्रशिक्षुओं ने अपने जीवन के संघर्ष साझा किए, जिन्हें सुनकर मौजूद अधिकारी और परिजन भावुक हो उठे। किसी ने खेतों में मेहनत कर पढ़ाई पूरी की, तो किसी ने मजदूरी के बीच अपने सपनों को संजोया। अभावों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन युवाओं ने हार नहीं मानी और पुलिस की वर्दी हासिल कर एक नई पहचान बनाई। रविन गंगवार किसान परिवार से आने वाले रविन गंगवार ने 10 महीने की कठिन ट्रेनिंग पूरी निष्ठा से की। इस दौरान वे केवल बहन की शादी में एक दिन के लिए ही घर जा सके। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका हौसला लगातार मजबूत बना रहा। ब्रह्मानंद (औरैया) मात्र एक बीघा जमीन वाले किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले ब्रह्मानंद ने अभावों के बीच अपनी राह बनाई। उनके बड़े भाई पहले से पुलिस में हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से अलग पहचान स्थापित की। आदित्य कुमार (औरैया) पांच बीघा जमीन पर निर्भर परिवार के आदित्य ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच प्रशिक्षण पूरा किया। दो भाइयों और तीन बहनों के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने लक्ष्य हासिल किया। अनुराग बाबू (इटावा) अनुराग के पिता की पढ़ाई के लिए जमीन तक बिक गई और वर्तमान में वे मजदूरी करते हैं। ऐसे कठिन हालातों के बावजूद अनुराग ने हिम्मत नहीं हारी और सफलता हासिल कर परिवार को नई उम्मीद दी। आदिल खान (जालौन) रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले पिता के बेटे आदिल ने विपरीत परिस्थितियों में प्रशिक्षण पूरा किया। वे पूरे प्रशिक्षण के दौरान केवल तीन बार ही घर जा सके। अखिलेश कुमार पहले प्रयास में असफल रहने के बावजूद अखिलेश ने हार नहीं मानी। छोटे भाई के पहले चयन के बाद भी उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार सफलता प्राप्त की। रंजीत सिंह (कन्नौज) किसान परिवार से आने वाले रंजीत सिंह ने 10 महीने की ट्रेनिंग पूरी लगन से की। वे केवल दो बार ही घर जा सके और होली जैसे त्योहार भी परिवार से दूर रहकर बिताए। इन सभी नवप्रशिक्षित आरक्षियों की कहानियाँ एक ही संदेश देती हैं—परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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