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    प्रसव पीड़ा में महिला ने खुद का पेट फाड़ा:लेबर पेन को हल्के में लेना कितना जानलेवा, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    4 hours ago

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    बहराइच के बौंडी इलाके में 19 फरवरी को प्रसव पीड़ा बर्दाश्त न होने पर एक गर्भवती महिला (ननकई) ने अपना पेट ब्लेड से काट दिया। पड़ोसियों ने समय रहते ननकई को एंबुलेंस से फखरपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी कराई गई और उसने बेटी को जन्म दिया। फिलहाल महिला की हालत नाजुक बनी है। सवाल उठता है कि महिला ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया? क्या प्रसव के दौरान होने वाला असहनीय दर्द इंसान से ऐसा फैसला करवा सकता है? क्या तेज दर्द की स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है? इन्हीं सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में जानिए… सबसे पहले 2025 का यह मामला जानिए मार्च- 2025 में यूपी के वृंदावन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था। राजाबाबू नाम के युवक को लंबे समय से पेट दर्द की शिकायत थी। डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद जब दर्द में राहत नहीं मिली, तो उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर खुद ही अपने पेट का ऑपरेशन करने की कोशिश कर डाली। इसके लिए उसने बाजार से उपकरण भी जुटाए। ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। तब उसने यह बात अपने भतीजे को बताई। भतीजा उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां उसकी हरकत से डॉक्टर भी हैरान रह गए। क्या होता है लेबर पेन और कितना तेज होता है? लेबर पेन वह दर्द होता है, जो डिलीवरी से पहले गर्भाशय (बच्चेदानी) के सिकुड़ने से शुरू होता है। इसकी मदद से बच्चा जन्म के लिए नीचे की ओर आता है। यह दर्द सामान्य पेट दर्द से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा होता है। डॉक्टर बताते हैं- लेबर पेन शरीर का सबसे तेज दर्द माना जाता है। हर महिला में इसकी तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। लेकिन, कई मामलों में यह दर्द महिला के मानसिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। एक अध्ययन में लेबर पेन को दर्द की तीव्रता के पैमाने पर करीब 7.2/10 के स्तर तक बताया गया। यह इसे हड्डी टूटने या किडनी स्टोन जैसे दर्दों के काफी पास या ऊपर महसूस करवाता है। हालांकि, यह सबके लिए समान नहीं होता है। महिला ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया? ननकई ने अस्पताल में बताया कि पेट में बच्चा था, इसलिए मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था। दर्द से छुटकारा पाने के लिए मैंने चाकू से अपना पेट फाड़ लिया। दर्द के कारण ननकई बेहोश हो गई। गोरखपुर जिला अस्पताल के गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर गुप्ता बताते हैं- लेबर पेन के दौरान होने वाला दर्द कई बार असहनीय लेवल तक पहुंच जाता है। यह दर्द सामान्य पेट दर्द नहीं होता, बल्कि लगातार और बेहद तीव्र होता है। इससे महिला के सहने की क्षमता टूट सकती है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, जब दर्द बहुत तेज होता है और महिला को तुरंत मेडिकल मदद नहीं मिलती, तो वह घबराहट और मानसिक दबाव में यह सोच सकती है कि किसी तरह दर्द से राहत मिल जाएगी। इसी गलतफहमी और मानसिक असंतुलन की स्थिति में महिला ने ऐसा कदम उठाया होगा। मेडिकल साइंस में इसे Extreme Pain-Induced Crisis माना जाता है, जहां व्यक्ति सामान्य निर्णय लेने की स्थिति में नहीं रहता। क्या तेज दर्द की स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है? गोरखपुर जिला अस्पताल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित शाही के मुताबिक, तेज और असहनीय दर्द की स्थिति में व्यक्ति का मानसिक संतुलन अस्थायी रूप से बिगड़ सकता है। अत्यधिक दर्द और तनाव के कारण डर, घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे समय में व्यक्ति सही-गलत का फैसला नहीं कर पाता। पल-भर के लिए खुद पर नियंत्रण खो सकता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मानसिक आपात स्थिति (Psychiatric Emergency) माना जाता है, न कि कोई सोची-समझी हरकत। कैसा होता है ये दर्द? डॉ. सुधीर कहते हैं- यह दर्द गर्भाशय के लगातार और तेज संकुचन से होता है, जो सामान्य दर्द से बिल्कुल अलग और कहीं अधिक ज्यादा होता है। इस दर्द को दुनिया के सबसे तेज दर्दों में गिना जाता है। महिला का शरीर हार्मोनल और जैविक रूप से इस दर्द को झेलने के लिए तैयार होता है, फिर भी यह आसान नहीं होता। खुद से पेट पर चाकू मारना कितना खतरनाक? एक्सपर्ट के मुताबिक, जिस तरह से महिला ने पेट पर खुद से चाकू मारा, वह बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति थी। पेट में लगे ऐसे घाव से कुछ ही मिनटों में बहुत ज्यादा खून बह सकता है। अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इस तरह की चोट से आंतें बाहर आ जाना, संक्रमण फैलना, शॉक आना और गर्भाशय को नुकसान जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिला के मामले में यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की जान पर सीधा खतरा बन जाता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… प्रसव पीड़ा बर्दाश्त नहीं हुई तो चाकू से पेट फाड़ा, अंतड़ियां भी बाहर आईं बहराइच में एक प्रेग्नेंट महिला प्रसव पीड़ा बर्दाश्त नहीं कर पाई, तो उसने खुद ही ब्लेड से अपना पेट फाड़ डाला। इससे उसकी अंतड़ियां तक बाहर आ गईं। बाद में दर्द की वजह से महिला चीखने-चिल्लाने लगी, तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। देखा तो महिला खून से लथपथ तड़प रही थी। पढ़िए पूरी खबर…
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