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    प्रयागराज के संगम में खोली थी महाकाल कचौड़ी की दुकान:महाकुंभ की 95 लाख की हुई थी नीलामी, सड़क हादसे में पिता और दो बेटों की मौत, परिवार में कोहराम

    4 hours ago

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    प्रयागराज के नैनी लेप्रोसी चौराहे पर शुक्रवार की सुबह सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मृतक दीपक चौरसिया ने संगम में महाकाल कचौड़ी के नाम से दुकान खोल रखी थी। यह उनकी स्थाई दुकान थी। महाकुंभ के दौरान इस कचौड़ी की दुकान की बोली 95 लाख रुपए लगाई गई थी। जिसके बाद से महाकाल कचौड़ी के नाम से चर्चा में आई थी। 15 साल पहले पूरा परिवार दारागंज में ही रहता था। इसके बाद फाफामऊ स्थित शांतिपुरम में मकान बनावा लिया और थाना से चले गए थे। संगम परेड में दीपक ही अपनी दुकान चलाते थे। - छोटे बेटे के सलेक्शन की मन्नत पूरी करने जा रहे थे मैहर धाम मृतक दीपक चौरसिया के छोटे बेटे मान चौरसिया उर्फ हर्षित का लखनऊ लॉ कॉलेज में सलेक्शन हुआ था। परिवार में काफी खुशी थी। घर पर मां नहीं थी। मां अपने मायके कानपुर में थी। इस दौरान परिवार के अन्य लोगों ने तैयारी की और मैहर धाम के लिए निकले थे। लेकिन अफसोस नैनी में लेप्रोसी चौराहे पर पहुंचते ही हादसा हो गया और सारी खुशी मातम में बदल गई। - तीन लाशे देखकर परिवार में मचा कोहराम शुक्रवार को घटना के बाद पोस्टमार्टम से पिता और दो बेटे की लाश घर फाफामऊ शांतिपुरम पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। एक साथ ती। लाशों को देखकर सभी का कलेजा फट गया। घटना की जानकारी कानपुर अपने मायके में रही मृतक दीपक की पत्नी तारा देवी को मिली तो वह रोते बिलखते अपने घर पहुंची। एक तरफ अपने दोनों बेटों का शव देखती तो दूसरी तरफ अपनी पति की लाश को देखकर बेसुध हो जाती। परिवार और रिश्तेदारों के बीच पिता और दोनों बेटों का अंतिम संस्कार करा दिया। परिवार में एक साथ तीन मौत से कोहराम मचा हुआ है। लोगों ने बताया कि बड़ा बेटा दिव्यांश चौरसिया झलवा स्थित एक कॉलेज में पढ़ाई करता है। जबकि छोटे बेटे मान का सलेक्शन लखनऊ के लॉ कॉलेज में हुआ था। वहीं बेटी हर्षिता नीट की तैयारी कर रही थी। - छोटे बेटे के सलेक्शन की मन्नत पूरी करने जा रहे थे मैहर धाम मृतक दीपक चौरसिया के छोटे बेटे मान चौरसिया उर्फ हर्षित का लखनऊ लॉ कॉलेज में सलेक्शन हुआ था। परिवार में काफी खुशी थी। घर पर मां नहीं थी। मां अपने मायके कानपुर में थी। इस दौरान परिवार के अन्य लोगों ने तैयारी की और मैहर धाम के लिए निकले थे। लेकिन अफसोस नैनी में लेप्रोसी चौराहे पर पहुंचते ही हादसा हो गया और सारी खुशी मातम में बदल गई। - तीन लाशे देखकर परिवार में मचा कोहराम शुक्रवार को घटना के बाद पोस्टमार्टम से पिता और दो बेटे की लाश घर फाफामऊ शांतिपुरम पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। एक साथ ती। लाशों को देखकर सभी का कलेजा फट गया। घटना की जानकारी कानपुर अपने मायके में रही मृतक दीपक की पत्नी तारा देवी को मिली तो वह रोते बिलखते अपने घर पहुंची। एक तरफ अपने दोनों बेटों का शव देखती तो दूसरी तरफ अपनी पति की लाश को देखकर बेसुध हो जाती। परिवार और रिश्तेदारों के बीच पिता और दोनों बेटों का अंतिम संस्कार करा दिया। परिवार में एक साथ तीन मौत से कोहराम मचा हुआ है। लोगों ने बताया कि बड़ा बेटा दिव्यांश चौरसिया झलवा स्थित एक कॉलेज में पढ़ाई करता है। जबकि छोटे बेटे मान का सलेक्शन लखनऊ के लॉ कॉलेज में हुआ था। वहीं बेटी हर्षिता नीट की तैयारी कर रही थी।
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