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    प्रयागराज करेली में हिंदू-मुस्लिमों ने साथ किया इफ़्तार:गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेशकर देश में अमन की दुआ मांगी

    2 hours ago

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    प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में रमज़ान के पाक महीने के दौरान गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। यहां देश और दुनिया में बने युद्ध जैसे माहौल के बीच शांति, भाईचारे और सौहार्द की कामना को लेकर विशेष दुआ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रोज़ा इफ़्तार कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर रोज़ा खोला और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। सभी ने एकजुट होकर देश में शांति, तरक्की और आपसी भाईचारे की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि प्रयागराज हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक रहा है और ऐसे आयोजन समाज में प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने वाले मुसलमान दिनभर भूखे-प्यासे रहकर इबादत करते हैं और सूर्यास्त के समय इफ़्तार के साथ रोज़ा खोलते हैं। इस दौरान खजूर, फल, शर्बत और अन्य व्यंजनों से रोज़ा खोला जाता है। करेली में आयोजित इस इफ़्तार कार्यक्रम में भी सभी धर्मों के लोग शामिल हुए और एक साथ बैठकर इफ़्तार किया, जिससे आपसी सद्भाव और भाईचारे का संदेश गया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि आज के समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियां बन रही हैं, तब समाज में शांति और एकता का संदेश देना बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से लोगों के बीच आपसी विश्वास और प्रेम बढ़ता है। कुरान में रोज़ा और इफ़्तार का महत्व इस्लाम में रमज़ान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। कुरान शरीफ में रोज़ा रखने का आदेश दिया गया है, ताकि इंसान में सब्र, परहेज़गारी और अल्लाह के प्रति समर्पण की भावना बढ़े। कुरान के अनुसार रोज़ा रखने वाला व्यक्ति अल्लाह की इबादत करता है और शाम को इफ़्तार के समय रोज़ा खोलना सुन्नत माना गया है। हदीस में भी बताया गया है कि रोज़ेदार की दुआ इफ़्तार के समय कबूल होती है।
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