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    प्रयागराज में अतीक के 10 करीबियों पर FIR:चचेरे भाई नीलू, करीबी जैद खालिद का भी नाम,100 से अधिक बैनामे में फर्जीवाड़ा किया

    2 hours ago

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    प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के करीबियों पर जमीनों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा, खरीदे गए हिस्से से अधिक जमीन के बैनामे कराने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। मुकदमे में अतीक के चचेरे भाई राशिद उर्फ नीलू और भूमाफिया जैद खालिद समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। वादी ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने अतीक अहमद की काली कमाई का इस्तेमाल कर 100 से अधिक जमीनों के बैनामे कराए और बाद में कथित फर्जीवाड़े के जरिए जमीनों की खरीद-फरोख्त की। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत आला अफसरों से की थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी शांतनु सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। 100 से अधिक आराजियों का बैनामा वादी रसूलपुर मरियाडीह निवासी शाह फैसल ने पुलिस को बताया, रसूलपुर काशीपुर, रसूलपुर मरियाडीह और पोंगहट तहसील बमरौली में उसकी पुश्तैनी आराजियां हैं। आरोप है कि पिछले करीब छह महीने में कई बार जैद खालिद व उसके भाइयों जसीम अहमद और जाफर अहमद की ओर से कराए गए बैनामों के आधार पर कुछ अज्ञात लोगों के जरिए उसकी जमीन पर कब्जा कराने का प्रयास किया गया। वादी के मुताबिक, उसने हर बार पुलिस को लिखित शिकायत देकर अवैध कब्जा रुकवाया। इसके बाद राजस्व अभिलेखों की जांच कराई तो कथित तौर पर पता चला कि जैद खालिद, जसीम अहमद, जाफर अहमद और राशिद उर्फ नीलू ने रसूलपुर काशीपुर, रसूलपुर मरियाडीह और पोंगहट तहसील बमरौली में 100 से अधिक आराजियों के बैनामे अपने और अपने साथियों के नाम कराए। इनमें मुमताज अहमद निवासी शेरगढ़ कसिया, मूरतगंज, कौशाम्बी, राहिल सिद्दीकी निवासी कटघर, महमूद अख्तर निवासी चफरी अटरामपुर उर्फ नवाबगंज, सोरांव, अबू जैद, धीरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी कालिंदीपुरम और मो. दानिश निवासी भरेठा मोहिउद्दीनपुर समेत अन्य लोगों के नाम हैं। सरकारी जमीनों पर भी कब्जा किया शाह फैसल ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने जितनी जमीन का हिस्सा खरीदा, उससे अधिक का फर्जी बैनामा कराया। इसके बाद खरीदारों के नाम गलत तरीके से खतौनी में दर्ज कराए गए और गांव सभा, बंजर, नाला, सरकारी जमीन के साथ उसकी पुश्तैनी जमीन पर भी कब्जा कराया गया। वादी के मुताबिक, उसकी शिकायतों के बाद प्रशासन ने कुछ महीने पहले गौशाला, ईवीएम और एटीएस के लिए आरक्षित सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए थे। हालांकि, उसका आरोप है कि इसके बावजूद आरोपियों का गांव सभा, नाला और बंजर जमीन पर कब्जा बना हुआ है। 2013 में खरीद, 2017 में दोबारा बेची वादी का कहना है कि राशिद ने वर्ष 2013 में जिन किसानों से जमीन अपने नाम खरीदी थी, वर्ष 2017 में उन्हीं किसानों के नाम उसी जमीन का दोबारा बैनामा कराया। आरोप है कि किसानों को डराने-धमकाने के बाद उनसे उनके हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा कराया गया और इसके एवज में रुपये लिए गए। शाह फैसल ने इन लोगों को एक संगठित गिरोह का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया है कि ये लोग अतीक अहमद के लिए काम करते थे। अतीक-जैद की बातचीत की ऑडियो क्लिप का भी जिक्र शिकायत में जैद खालिद और अतीक अहमद के बीच बातचीत की कथित ऑडियो क्लिप का भी उल्लेख किया गया है। वादी का दावा है कि इस बातचीत से आरोपियों के अतीक अहमद से संबंध और उसके लिए काम करने की बात सामने आती है। शिकायत के मुताबिक, बातचीत में आराजी संख्या 200 का जिक्र है, जो रसूलपुर काशीपुर की जमीन बताई गई है। आरोप है कि इस जमीन को जैद खालिद ने अपने पिता और भाई के नाम कराया था। आरोप यह भी है कि मो. जैद खालिद के लाल बंगले की सम्पत्ति भी अतीक अहमद की सम्पत्ति है, जिसे बातचीत में दोनों लोग स्वीकार कर रहे हैं। उक्त सम्पत्ति के हस्तांतरण व क्रय-विक्रय में रुपयों के लेन-देन की भी जांच आवश्यक है। ्र अतीक की काली कमाई खपाई वादी ने आरोप लगाया है कि अतीक अहमद के जीवनकाल में इन लोगों की उससे सांठगांठ थी और बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने के लिए अतीक की काली कमाई का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि अतीक की मौत के बाद उसकी काली कमाई को हड़पने और खपाने में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जैद खालिद पर रसूलपुर मरियाडीह में बिना अनुमति करोड़ों रुपये की लागत से गौशाला बनवाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्जी बैनामों के जरिए खरीदारों के नाम गलत तरीके से खतौनी में दर्ज कराकर उन्हें गांव सभा, बंजर और नाला की जमीन पर कब्जा दिया गया। इससे सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान होने और जमीनों की बिक्री से मिले रुपये के आपस में बंटवारे का भी आरोप लगाया गया है। वादी ने बैंक खातों की जांच से इस कथित लेन-देन का पता चलने की बात कही है। सरकारी जमीन से कब्जा हटने पर दे रहे धमकी शाह फैसल का आरोप है कि उसकी शिकायत पर प्रशासन ने जब गौशाला, एटीएस और ईवीएम आदि के लिए इस्तेमाल होने वाली सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए, इसके बाद आरोपी और उनके साथी उसे और उसके परिवार को धमकाने लगे। इसी आधार पर उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। 3 दिन पहले जैद की डेयरी पर चला था बुलडोजर इसी बीच, तीन दिन पहले ही प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने जैद खालिद की करोड़ों रुपये की कीमत वाली डेयरी पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कराया था। पीडीए अधिकारियों के मुताबिक, कछार क्षेत्र में बना यह निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया गया था और यह एचएफएल क्षेत्र में था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात रही थी।
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