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    प्रयागराज में चारों एसओजी टीमें भंग:पुलिस कमिश्नर का एक्शन, 45 पुलिसवाले हटाए गए, नाकारापन-अपराधियों से सांठगांठ पड़ी भारी

    16 hours ago

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    प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने सेंट्रल एसओजी समेत नगर, गंगानगर और यमुनानगर जोन की एसओजी टीमें भंग कर दी। उन्होंने इन चारों टीमों में तैनात 45 दरोगा-सिपाहियों को एसओजी से हटा दिया है। ऐसी चर्चा है कि अपेक्षित कार्रवाई में नाकाम रहने और आपराधियों से सांठगांठ समेत तमाम शिकायतों के बाद यह एक्शन लिया गया है। आदेश के मुताबिक, अब विशेष कार्यों के लिए जरूरत पड़ने पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय की संस्तुति के बाद योग्य पुलिसकर्मियों की अस्थायी टीम गठित की जा सकेगी। लंबे समय से एसओजी में तैनात थे एसओजी टीमों में कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक, इनमें कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी थे जिन्हें पूर्व में एसओजी से हटाया गया, लेकिन बाद में दोबारा टीम में जगह मिल गई। इनमें से कई के खिलाफ पूर्व में भी अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचीं। इन शिकायतों में अपराधियों से संपर्क और साठगांठ के आरोप भी शामिल रहे । हालांकि सेटिंग के चलते यह एसओजी में जमे रहे। 10-12 साल से जिले में जमे एसओजी में तैनात पुलिसकर्मियों में कई ऐसे हैं जो 10 से 12 साल या उससे अधिक समय से प्रयागराज जिले में तैनात बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ पुलिसकर्मियों की स्थानांतरण अवधि पूरी हो चुकी थी और कुछ के तबादले भी किए गए, लेकिन वे लंबे समय तक कार्यमुक्त नहीं हुए। बड़ी घटनाओं के खुलासे में नाकाम कमिश्नरेट में चार एसओजी टीमें होने के बावजूद कई चर्चित आपराधिक घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका। कई ऐसी घटनाएं भी रहीं जिनमें अपराध करने वालों ने दुस्साहसिक वारदातें की और फिर पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर भी कर दिया। कीडगंज में तीर्थ पुरोहित की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। चार महीने पहले यहां तीर्थ पुरोहित मार्तंड प्रकाश दुबे को गोलियों से भून दिया गया लेकिन शूटर अब तक नहीं पकड़े गए। वहीं करेली में प्रॉपर्टी डीलर इरफान की हत्या के मामले में भी एसओजी का नकारापन सामने आया। इस सनसनीखेज वारदात के मास्टरमाइंड और माफिया अतीक अहमद के खास शूटरों में से एक आसिफ दुर्रानी ने पुलिस को चकमा देकर अदालत में सरेंडर कर दिया था। इसी तरह से यमुनानगर में रिटायर सीआईडी इंस्पेक्टर की घर में घुसकर हत्या की वारदात को सात महीने बाद भी खुलासा नहीं हो पाया है। इस तरह से कई मामलों के खुलासे नहीं हो सके। माफिया के करीबी के गुर्गे संग रोजाना दरबार सूत्रों के अनुसार, एसओजी के कुछ पुलिसकर्मियों के अपराधियों से संपर्क और कथित साठगांठ की शिकायतें भी अधिकारियों तक पहुंची थीं। इनमें कुछ पुलिसकर्मियों के बारे में बताया जा रहा है कि उनका माफिया अतीक अहमद के करीबी रिश्तेदार और प्रॉपर्टी डीलर के खास गुर्गे से संपर्क रहा है। बताया जाता है कि यह व्यक्ति कई आपराधिक मामलों में नामजद रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक, सिविल लाइंस स्थित उसके होटल में कुछ एसओजी पुलिसकर्मियों का नियमित आना-जाना है। पिछले साल करेली क्षेत्र में मकान पर कब्जे को लेकर हुई गोलीबारी के मामले में भी उक्त व्यक्ति का नाम सामने आया था। पत्नी- रिश्तेदारों के नाम पर जमीनें खरीदीं एसओजी से हटाए गए कुछ पुलिसकर्मियों की संपत्तियों को लेकर भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने नाम के अलावा पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर भी जमीन खरीदी है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मियों की संपत्ति के साथ उनके परिवार के सदस्यों के नाम पिछले कुछ वर्षों में जिले में खरीदी गईं जमीनों की जांच में बड़ा खुलासा हो सकता है। चर्चा यह भी है कि एसओजी में तैनात दो ऐसे ही पुलिसकर्मियों ने झूंसी में बेशकीमती जमीनें खरीदी हैं। इसी तरह एक पुलिसकर्मी के कई बीघा में हुई प्लॉटिंग में पार्टनरशिप की भी बात सामने आई है। निजी गाड़ियों पर ब्लैक फिल्म लगाकर घूमते थे जिन पुलिसकर्मियों को हटाया गया, इनमें से कुछ के निजी वाहनों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये निजी गाड़ियों पर ब्लैक फिल्म लगाकर क्षेत्र में घूमते देखे जाते रहे हैं।
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