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    प्रयागराज में कई पीढ़ीयों से कर रहे रामलीला में सेवा:निसार बोले-मोहर्रम में ताजिए और दशहरा में रामलीला का अस्त्र-शस्त्र करते हैं तैयार

    41 minutes ago

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    प्रयागराज की ऐतिहासिक श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी में नवरात्रि और दशहरा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बीच मुस्लिम कारीगर निसार अहमद अपनी कला से रामलीला के लिए अस्त्र-शस्त्र, रथ और अन्य सामग्री तैयार कर रहे हैं। पीढ़ियों से चला आ रहा हुनर निसार अहमद वर्षों से पथरचट्टी रामलीला के लिए भगवान राम की लीला में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र और रथ तैयार कर रहे हैं। धनुष-बाण, गदा, तलवार, त्रिशूल और चापड़ जैसे अस्त्र-शस्त्रों को आकर्षक और वास्तविक रूप देने में उनका विशेष योगदान है। निसार एक ऐसे मुस्लिम परिवार से हैं, जो मोहर्रम के दौरान ताजिए बनाने के लिए भी जाना जाता है। उनके पिता और दादा भी पथरचट्टी रामलीला में काम कर चुके हैं और यह हुनर उन्हें पीढ़ियों से विरासत में मिला है। जबकि वह खुद पिछले 24 सालों से काम कर रहे हैं। तरह तरह के आकर्षक चीजें बना रहे हैं। रामलीला प्रभु राम की सेवा है निसार अहमद कहते हैं कि उन्हें यह काम करने में बहुत खुशी और सुकून मिलता है। उन्होंने रामानंद सागर की रामायण भी देखी है और भगवान राम का किरदार उन्हें बेहद पसंद है। उनका कहना है कि हर धर्म में अच्छाई और शक्ति होती है। मोहर्रम में वे ताजिए बनाते हैं, तो दशहरा पर रामलीला के लिए अस्त्र-शस्त्र और रथ तैयार करते हैं। निसार के मुताबिक, उनके परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने कभी इस काम पर आपत्ति नहीं जताई। वे रामलीला देखते भी हैं और इसे प्रभु राम की सेवा मानते हैं। उनकी तमन्ना है कि आखिरी सांस तक इसी सेवा और अपनी कला से जुड़े रहें। देशभर में पहचान वाली रामलीला श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी अपनी भव्यता और हाईटेक लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स के लिए प्रयागराज ही नहीं, बल्कि देशभर में पहचान रखती है। इस भव्य मंचन में इस्तेमाल होने वाले अस्त्र-शस्त्र और रथों को आकर्षक रूप देने में निसार अहमद जैसे कारीगरों की कला अहम भूमिका निभाती है।
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