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    प्रयागराज में NEET पास छात्रा ने गोली मारकर सुसाइड किया:ढाई घंटे पहले MBBS में कॉलेज मिला था, जुड़वा भाई BTech स्टूडेंट, पिता इंजीनियर रहे

    20 hours ago

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    प्रयागराज में सोमवार शाम 18 साल की NEET छात्रा ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। उसका MBBS में चयन हो गया था। घटना शाम 7 बजे की है। ढाई घंटे पहले ही NEET परीक्षा के तीसरे राउंड की काउंसलिंग का रिजल्ट जारी हुआ था, जिसमें उसका नाम शामिल था। उसे सोनभद्र में सरकारी कॉलेज मिला था। इसके बावजूद उसने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। छात्रा का जुड़वा भाई देहरादून के एक कॉलेज से बीटेक कर रहा है। पिता राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से रिटायर्ड इंजीनियर हैं। शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने पुलिस को बताया कि रितु पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। मामला झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम का मामला है। 6 साल पहले गाजीपुर से प्रयागराज आकर बसा परिवार देवराज शर्मा का परिवार मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है। उन्होंने करीब 6 साल पहले झूंसी के त्रिवेणीपुरम में अपना मकान बनवाया। सोमवार शाम करीब 7 बजे परिवार के लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान रितु दूसरे कमरे में गई। दरवाजा बंद कर लिया। गोली चलने की आवाज आई तो लोग कमरे की ओर भागे और तब देखा कि उसे गोली लगी हुई थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने कमरे का दरवाजा भीतर से बंद कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन पढ़िए:- पढ़ाई-खर्च के लिए छात्र अपना खून बेच रहे, यूपी में नीट का छात्र बोला- खून तो बनता रहेगा; पढ़ाई का मौका फिर नहीं मिलेगा पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए छात्रों को अपना खून बेचना पड़ रहा है। गरीब परिवारों के इन बच्चों को नीट-एसएससी की महंगी कोचिंग, हॉस्टल-मेस की फीस भरनी होती है। पैसे जुटाने के लिए कोई छात्र महीने में 2 बार, तो कोई 4 बार अपना खून निकालकर बेचने को मजबूर है। दैनिक भास्कर के हिडन कैमरे पर ऐसे छात्रों ने अपनी बेबसी सुनाई- पापा किसान हैं, लेकिन इतनी जमीन नहीं कि खेती-बाड़ी से घर के सारे खर्च उठा सकें। इसलिए हम पढ़ाई का खर्च खुद ही मैनेज करते हैं। खून बेचकर जो पैसा मिलता है, उसे कई बार हम गांव भी भेजते हैं। यूपी के कई शहरों में पढ़ाई के लिए छात्र तंगी से निपटने के लिए खून बेचने लगे हैं। इसका इनपुट मिलने पर हमने इन्वेस्टिगेट करने के लिए प्रयागराज को चुना, क्योंकि यहां हजारों छात्र नीट-एसएससी की तैयारी करते हैं। हमारे अंडरकवर रिपोर्टर मरीज के घरवाले बनकर स्टूडेंट्स तक पहुंचे। पढ़िए पूरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट…
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