Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    प्रयागराज में रामभद्राचार्य कोर्ट में पेश नहीं हुए:याचिककर्ता सुरेश बोले- गवाही दूंगा, जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जाऊंगा

    54 minutes ago

    1

    0

    जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ दर्ज परिवाद मामले में सोमवार को प्रयागराज की जिला अदालत में सुनवाई हुई। नोटिस भेजे जाने के बावजूद रामभद्राचार्य कोर्ट में पेश नहीं हुए और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया। उनके वकील भी अदालत नहीं पहुंचे। अब मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी। परिवाद दर्ज कराने वाले वाराणसी निवासी सुरेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि वह अगली तारीख पर गवाही देकर अपना बयान दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो वह हाईकोर्ट का रुख करेंगे। 31 अक्टूबर को गवाही देंगे परिवादकर्ता सुरेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि रामभद्राचार्य को नोटिस मिलने के बाद भी वह अदालत नहीं पहुंचे। अब वह 31 अक्टूबर को गवाही देंगे और बयान दर्ज कराएंगे। इसके बाद सीआरपीसी की धारा 202 के तहत बयान की प्रक्रिया होगी। फिर कोर्ट आगे का आदेश करेगा। उन्होंने कहा, “रामभद्राचार्य के खिलाफ वारंट जारी होगा तो आएंगे। केस दर्ज हुआ है तो जवाब तो देना ही होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह हाईकोर्ट जाएंगे। उनके मुताबिक, उच्च न्यायालय के निर्देश पर ही परिवाद दाखिल हुआ है। 14 सितंबर को दाखिल किया गया था परिवाद वाराणसी के रहने वाले सुरेश चंद्र उपाध्याय ने 14 सितंबर 2026 को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। मामला वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप है कि रामभद्राचार्य ने कहा था कि ऊंच कुल के ब्राह्मण अपनी बेटियां उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक समाज में नहीं देते, क्योंकि वे इन समुदायों को अधम मानते हैं। उपाध्याय समाज की छवि खराब होने का आरोप परिवादकर्ता का कहना है कि लोग रामभद्राचार्य का सम्मान करते हैं और उनकी बातों का असर समाज पर पड़ता है। उनके मुताबिक, कथित बयान के बाद उपाध्याय समाज के लोगों को गलत नजर से देखा जाने लगा है और लड़के-लड़कियों की शादियों में भी रुकावटें आने लगी हैं। सुरेश चंद्र उपाध्याय ने इसी आधार पर रामभद्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्या कहा था, पढ़िए याचिकाकर्ता के मुताबिक, 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भागवत कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने उपाध्याय समाज पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा था, “जो नीच ब्राह्मणों….अधम ब्राह्मणों की चर्चा चलाई गई। हमारे यहां कुछ ब्राह्मण अच्छे नहीं माने जाते हैं। उनके यहां ऊंचे कुल के लोग अपनी बेटी नहीं देते हैं। उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक को इसलिए अधम मानते हैं, क्योंकि इन्होंने विद्यार्थियों से पैसा लेकर पढ़ाया। इनके यहां हम बेटी नहीं देते और न इनके यहां से बेटी लेते हैं। हम विद्यार्थी का एक पैसा भी लेना गोमांस के बराबर समझते हैं। मैं सरयूपारीण ब्राह्मण हूं। पहले मैं ब्राह्मण हूं। वह भी वशिष्ठ गोत्रीय ब्राह्मण हूं। फिर साधु हूं, फिर संन्यासी हूं, फिर जगद्गुरु रामानंदाचार्य हूं। मुझे अपने ब्राह्मणत्व पर गर्व है।” याचिकाकर्ता बोले- बयान से बच्चों की शादी में रुकावट आई वाराणसी के रहने वाले याचिककर्ता सुरेश चंद्र उपाध्याय ने 14 सितंबर 2026 को प्रयागराज कोर्ट में याचिका दाखिल की। कहा- जगद्गुरु रामभद्राचार्य संत हैं, लोग उनकी पूजा करते हैं। भागवत कथा के दौरान दिए उनके बयान के बाद उपाध्याय समाज को लोग हेय दृष्टि से देखने लगे हैं। लड़के-लड़कियों की शादी में बाधा आने लगी है। याचिकाकर्ता इस सिलसिले में पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से मिले थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में याचिका दी।जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। ……… ये खबर भी पढ़िए- रामभद्राचार्य बोले- बगैर पढ़े सब वेदव्यास-वाल्मीकि बनना चाहते हैं: मोदी एक बार और PM बनेंगे, चीन से हथियाई जमीन वापस लेंगे बगैर पढ़े लिखे सब आज महर्षि वाल्मीकि और वेदव्यास बनना चाहते हैं। वे मेरी बात समझना नहीं चाहते। मेरी उपलब्धियों से उनको ईर्ष्या होती है तो मेरा दुष्प्रचार करते हैं। मैंने कभी किसी संत की निंदा नहीं की। हां, मैं विरोध करता हूं, जब कोई गलत करता है। जो कथा तो कर रहे हैं रामजी की और मौला अली- मौला अली कीर्तन करा रहे हैं, उनकी कथा कभी नहीं सुनना चाहिए।पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    संभल पुलिस ने पिता समेत तीन को जेल भेजा:दो कंपनियों से 15-15 लाख लिए, तीसरी बीमा कंपनी में 50 लाख का दावा
    Next Article
    गोरखपुर में खुले नालों का होगा वार्डवार सर्वे:मेयर बोले- लापरवाही पर ठेकेदारों पर FIR के साथ- साथ अफसरों पर भी कार्रवाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment