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    पिता को मारकर बहन के साथ चिकन खाया:बेटा नीले ड्रम में लाश जलाने वाला था, लखनऊ में दूसरी शादी की चर्चा से खफा था

    3 hours ago

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    लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्धमान पैथोलॉजी के ओनर मानवेंद्र सिंह की दूसरी शादी की बात चल रही थी। इससे उनके बच्चे खासे नाराज थे। इसी के चलते पिता की हत्या कर नीले ड्रम में भर दिया। पुलिस पूछताछ में 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने कबूला कि पिता की हत्या के बाद मैं अपनी बहन के साथ चाची के पास गया। उनसे चिकन और पनीर की सब्जी बनवाई। इसके बाद वापस आया और लाश के पास बैठकर खाना खाया। किसी को शक न हो, इसलिए अपने रूटीन में कोई बदलाव नहीं किया। कृति अपना एग्जाम देने जाती रही। मैं शव को ठिकाने लगाने के लिए आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। हम अपनी चाची नम्रता से भी मिलते रहे, ताकि वे कमरे में न जाएं। ऐसे में पुलिस बहन की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि पिता की हत्या में उसका भी हाथ हो सकता है। पहले पढ़िए अक्षत ने पुलिस की पूछताछ में जो बताया... रातभर जागकर बनाई योजना पुलिस की पूछताछ में अक्षत ने बताया- रातभर जागकर पिता की हत्या की प्लानिंग की। 20 फरवरी को तड़के करीब 4.30 बजे लाइसेंसी राइफल से सोते हुए पिता के सीने में गोली मार दी। तब तक वहीं खड़ा रहा, जब तक बाप की सांसें नहीं रुक गईं। उनको अपनी आंखों से तड़पता देखता रहा। पिता की जब मौत हो गई तो शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उनके शव को थर्ड फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के कमरे के बाथरूम में रखा। धड़ के दो टुकड़े नहीं कर पाया तो ड्रम में भरा उसके बाद आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। बाथरूम में आरी से हाथ-पैर काटा। इस दौरान नल की टोटी खोल रखा था, ताकि खून बह जाएं। हाथ-पैर काटने के बाद उसे पॉलीथिन में रखकर करीब 20 किलोमीटर दूर काकोरी के सदरौना में फेंक आया। धड़ के दो भाग करने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर पाया। उसे ड्रम में भरकर रख दिया। उसके बाद उसे तारपिन के तेल से जलाने की योजना बनाई। इसके लिए 10 लीटर तारपिन का तेल खरीदकर लाया। वह धड़ को कहीं दूर ले जाकर जलाने के फिराक में था, लेकिन उसके पहले पकड़ा गया। गुमराह करने के लिए काकोरी में किया था पिता का फोन ऑन पुलिस की जांच में आया है कि अक्षत काफी शातिर है। पुलिस से बचने के लिए 20 फरवरी को वह काकोरी गया। वहां पर उनका फोन ऑन किया, ताकि उनका अंतिम लोकेशन घर पर न मिलकर काकोरी मिले। पड़ोसी अल्पना सिंह ने बताया कि हम लोगों को पता चला कि मानवेंद्र 20 फरवरी से मिल नहीं रहे हैं। मेरे पति सहित कई लोगों ने जब अक्षत से पूछा तो उसने बताया कि पापा दिल्ली गए हैं। बाद में पता चला कि वह लापता हो गए हैं। उनकी लोकेशन काकोरी की मिली थी। इसके बाद सब लोग उन्हें ढूंढ़ते हुए अक्षत के साथ काकोरी गए थे। जहां वे मिले नहीं थे। इसके बाद सब लोग वापस आ गए थे। अब जानिए हत्या की कौन-कौन सी वजह सामने आईं.... पिता की सख्ती और पार्टी से नाराजगी की बात आई सामने पुलिस की जांच में यह भी सामने आ रहा है कि मानवेंद्र पार्टी के शौकीन थे। हत्या होने से पहले 20 फरवरी की रात करीब डेढ़ बजे मानवेंद्र ने एक परचित को पार्टी की व्यवस्था करने का मैसेज किया था। पिता के पार्टी करने से उनके दोनों बच्चे नाराज रहते थे। मां ने की थी आत्महत्या जांच में सामने आया है कि करीब सात साल पहले मानवेंद्र की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। उस घटना के बाद घर की जिम्मेदारी पूरी तरह मानवेंद्र पर आ गई थी। पत्नी की मौत के बाद मानवेंद्र ने बेटे अक्षत और बेटी कृति की परवरिश अकेले कर रहे थे। मानवेंद्र के साथ उसके घर में बेटा अक्षत, बेटी कृति भाई अरुण, उसकी पत्नी नम्रता और दो बच्चे रहते थे। सबका खाना एक साथ बनता था। थर्ड फ्लोर पर मानवेंद्र बेटी और बेटे के साथ रहते थे। भाई का परिवार सेकेंड फ्लोर पर रहता है। ग्राउंड फ्लोर का कमरा गेस्ट रूम के रूप में प्रयोग होता है। मानवेंद्र की दूसरी शादी की चर्चा से नाराजगी की बात आ रही सामने स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक महीने पहले मानवेंद्र वैष्णो देवी टूर पर जाने की तैयारी में थे। इस बीच घर में ब्रासलेट, 2 अंगूठी सहित अन्य सामान चोरी हुए थे। मानवेंद्र ने मेड पर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस की जांच में मेड चोरी की आरोपी नहीं निकली थी। इस बीच मेड ने मानवेंद्र के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके बाद मानवेंद्र ने अपने घर पर सख्ती बरती थी। इसके बाद सामान मिल गया था। लोगों का कहना है कि इसके बाद से मानवेंद्र ने घर में सख्ती बरतनी शुरू कर दी थी। इस बीच कहा था कि तुम लोगों के लिए हम अपनी जिंदगी बबार्द कर रहे हैं। दूसरी शादी नहीं कर रहे हैं। यह भी चर्चा है कि इस बीच उन्होंने मोहल्ले में अपने एक दोस्त से शादी करने की सलाह भी ली थी। इस संबंध में मोहल्ले के लोगों से बात भी करते थे। इससे भी अक्षत नाराज रहता था। सप्ताहभर पहले भाई-बहन के बर्ताव में आया बदलाव स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक सप्ताह से भाई बहन दोनों के बर्ताव में बदलाव था। दोनों ही लोग एक साथ ज्यादा समय बिताते थे। चाचा गांव चले गए थे। ऐसे में घर में चाची और उनके दो बच्चे थे। इनसे अक्षत सीमित बात करता था। दादा (बाबा) से भी उसकी बातचीत औपचारिक और कभी-कभार ही होती थी। वर्धमान लैब की एक ब्रांच को चलाता था अक्षत, संपत्ति पर करना चाहता था कब्जा वर्धमान पैथोलॉजी के कई जिलों में लैब हैं। उनका संचालन मानवेंद्र सिंह अन्य बिजनेस पार्टनर के साथ में करते थे। काकोरी में स्थित वर्धमान लैब के संचालन का जिम्मा उन्होंने बेटे अक्षत ऊर्फ राजा को दे दिया था। इससे वह अपना खर्च पूरा करता था। हालांकि, वह लैब के बजाए दूसरा बिजनेस करना चाहता था। इस पर मानवेंद्र की सख्ती थी। मानवेंद्र सिंह शराब के 2 ठेकों का भी संचालन करते थे। आशियाना स्थिति उनके घर की छत पर दो मोबाइल टावर भी लगे हुए हैं। उनसे भी किराया आता है। मानवेंद्र उसे नीट कराना चाहते थे। अक्षत पूरी संपत्ति पर कब्जा जमाना चाहता था। अब जानिए हत्या का खुलासा होने के बाद कैसा रहा अक्षत का व्यवहार.... लोगों से आंखें चुराता हुआ घर में गया था अक्षत 24 फरवरी को जब पुलिस आरोपी बेटे अक्षत को घर लेकर आई तो सभी लोगों की निगाहें उसी पर टिक गईं। वह लोगों से आंखें चुराता हुआ अंदर चला गया। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक उसके चेहरे पर किसी तरह की शिकन या पछतावे के भाव नजर नहीं आए। लोगों का कहना है कि करीब 3 साल पहले मानवेंद्र ने बेटे अक्षत और बेटी कृति के खाते में करीब 5 लाख रुपए भेजे थे। इसके बाद अक्षत 6 पेज का लेटर लिखकर घर से भाग गया था। उसने लिखा था कि अब वह बिजनेस करेगा। पापा हमें खोजने की कोशिश मत करिएगा। इसके बाद परिवार के उसके दोस्तों से संपर्क करके उसे कानपुर से बरामद किया था। हालांकि, इस दौरान अक्षत ने चालाकी की थी। दोस्त जब परिवार के साथ उसे लेने कानपुर जा रहे थे, तो उसे शक हो गया था। उसने दोस्त को वीडियो कॉल करके गाड़ी के अंदर का सीन देखा था, लेकिन अक्षत के परिवार दूसरी गाड़ी में थे, इससे वह उन्हें नहीं देख पाया था। अक्षत ने दोस्त को कानपुर का पता दे दिया था। दोस्त के साथ परिजन उस तक पहुंच गए थे। अब पढ़िए बहन ने जो बताया... पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि घटना के समय बहन कृति कमरे में मौजूद थी। वारदात उसके सामने हुई। अक्षत के पकड़े जाने के बाद भी करीब 24 घंटे तक उसने यह बात छिपाए रखी। पुलिस ने करीब 40 मिनट तक कृति से पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह सिर्फ चुप रही या उसे पहले से किसी साजिश की जानकारी थी। पेपर देने जाती रही कृति पुलिस के अनुसार, कृति ने बताया- पापा की हत्या करने के बाद अक्षत ने मुझे बहुत डरा दिया। लोगों को शक हो इसलिए रूटीन काम करने का दबाव बनाया। उसके डर से 20 और 21 फरवरी मैं 11वीं का एग्जाम देने एपीएस स्कूल चली गई। हालांकि स्थानीय लोगों और परिजनों ने बताया कि कृति घटना से बहुत डरी हुई है। वह भी किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही है। उसने बताया है कि 20 फरवरी को वह, पापा और भाई थर्ड फ्लोर पर एक ही कमरे में सो रहे थे। तड़के करीब 4 बजे के बाद में अक्षत ने पापा को गोली मार दी। मैंने कहा कि भैया हमारी मम्मी नहीं हैं। आपने पापा को भी मार दिया। इस पर अक्षत ने उसे धमकाया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डरकर वह चुप हो गई। अब पढ़िए पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है... कृति और चाची की भूमिका की भी जांच कर रही पुलिस घटना के समय मानवेंद्र के भाई की पत्नी नम्रता (अक्षत की चाची) सेकंड फ्लोर पर अपने 2 बच्चों के साथ थी। कृति उसी कमरे में थी, जिसमें मानवेंद्र की हत्या हुई। ऐसे में पुलिस इन दोनों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस ने कृति से 40 मिनट तक पूछताछ भी की है। उसने अक्षत पर हत्या करने और खुद को डराने की बात बताई है। हालांकि, पुलिस उसके बयान से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। पुलिस का मानना है कि कृति ने जब हत्या होते देख लिया तो वह दोनों पेपर देने कैसे चली गई? उसने स्कूल में अपनी किसी सहेली या टीचर को इसके बारे में क्यों नहीं बताया? क्योंकि उस समय तो अक्षत वहां पर था भी नहीं। उसने किसी रिश्तेदार को फोन करके यह जानकारी क्यों नहीं दी? वहीं, नम्रता सेकंड फ्लोर पर थी तो उन्हें गोली की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी? शव को सीढ़ियों से नीचे ले जाया गया तो क्या खून की एक बूंद भी नहीं गिरी, जिसे नम्रता देख पाती? शव जब मिला है तो बदबू आ रही थी, तो नम्रता को पहले बदबू आने का अहसास क्यों नहीं हुआ? पुलिस इन सभी प्रश्नों का उत्तर तलाश रही है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला आशियाना के एल सेक्टर में रहने वाले मानवेंद्र सिंह (49) में रहते थे। 20 फरवरी से वह लापता थे। बीकाम की पढ़ाई कर रहे उनके 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि अक्षत ने ही हत्या की है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर 23 फरवरी को मानवेंद्र का शव घर के कमरे में नीले ड्रम में मिला। उनके दोनों हाथ-पैर गायब थे। उसे काटकर उसने करीब 21 किलोमीटर दूर सदरौना में फेंका था। अक्षत की बहन कृति 11वीं की छात्रा है। घटना के समय वह भी मौजूद थी। --------------------------------- कल क्या-क्या हुआ पढ़िए… पिता के शव को बाथरूम में काटा, नीले-ड्रम में छिपाया : जलाने के लिए 10 लीटर तारपिन का तेल लाया, रूम स्प्रे छिड़क रहा था लखनऊ में पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह की उनके 21 साल के इकलौते बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। शव को बाथरूम में आरी से काट डाला। फिर टुकड़े ड्रम में भर दिए। (पूरी खबर पढ़िए)
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