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    पिता सांसद से मंत्री तक रहे, खुद एक बार के MLA, कौन हैं शिवेश राम? जिन्हें BJP ने बिहार से बनाया राज्यसभा का 'सरप्राइज कैंडिडेट'

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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए छह राज्यों में अपने नौ उम्मीदवारों की सूची आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी। नामांकन सूची में बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम जैसे प्रमुख राज्यों के उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है और मतदान एवं मतगणना 15 मार्च को होगी। यह घोषणा संसद के उच्च सदन में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की पार्टी की रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार से पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। इनमें नितिन नवीन और शिवेश कुमार शामिल हैं। शिवेश कुमार राम बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाते हैं।इसे भी पढ़ें: Bihar में NDA का शक्ति प्रदर्शन, Rajya Sabha की सभी सीटों पर जीत का दावा, 5 मार्च को नामांकनकौन हैं शिवेश राम?शिवेश राम एक सक्रिय राजनीतिक नेता हैं, जिनकी पहचान बिहार की राजनीति में लगातार मजबूत होती रही है। उनके पिता मुनि लाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। वे सासाराम लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद चुने गए और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के पद पर भी रहे। शिवेश राम ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की। उन्होंने एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता के रूप में संगठन में काम किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2010 में उन्होंने भोजपुर जिले की अंगियांव विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधायक बने। उनकी संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्य महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी। बाद में, सासाराम लोकसभा सीट पर छेदी पासवान की जगह उन्हें बीजेपी का उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। वर्तमान में बताया जाता है कि शिवेश राम बिहार बीजेपी में प्रदेश महामंत्री के पद पर कार्यरत हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Dhami सरकार के 4 साल: Haridwar में Double Engine की उपलब्धियां गिनाएंगे अमित शाहपिता रहे आईएएसशिवेश राम का पैतृक गांव ज्ञानपुर सेमरिया है। वर्तमान में उनका परिवार पटना के अंबेडकर कॉलोनी में निवास करता है। उनके पिता मुनि लाल प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे और आईएएस अधिकारी के रूप में कार्य किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई, जिसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। बिहार में वर्तमान राज्यसभा की कितनी सीट खालीअप्रैल में पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने को लेकर बिहार में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। निवर्तमान सदस्यों में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। वर्तमान में, हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जनता दल (यूनाइटेड) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से हैं। उपेन्द्र कुशवाह राष्ट्रीय लोक मोर्चा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आगामी चुनाव राज्यसभा में बिहार के प्रतिनिधित्व की नई संरचना तय करेंगे।चुनावी समीकरण और पांचवीं सीट का मुकाबला2025 के चुनावों के बाद बिहार विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, एनडीए पांच रिक्त सीटों में से चार पर आसानी से कब्जा कर सकता है। हालांकि, पांचवीं सीट का मुकाबला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। पांचवीं सीट हासिल करने के लिए एनडीए को अपनी मौजूदा पुष्ट संख्या के अलावा कम से कम तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। भाजपा ने दो उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और जेडीयू के पास दो सीटें हैं, ऐसे में पांचवीं सीट का अंतिम परिणाम निर्दलीय विधायकों के गठबंधन और विपक्षी दलों द्वारा अपनाई गई रणनीति पर निर्भर करेगा।चुनाव समयरेखा और प्रक्रियात्मक विवरणचुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के लिए एक स्पष्ट समयरेखा निर्धारित की है। 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि के बाद, दस्तावेजों की जांच होगी, जिसके बाद उम्मीदवारी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 मार्च को सुबह से मतदान होगा और उसी शाम मतगणना शुरू हो जाएगी। खबरों के मुताबिक, राजनीतिक दल अपने विधायकों के बीच आंतरिक सामंजस्य सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं ताकि क्रॉस-वोटिंग की किसी भी घटना को रोका जा सके, जिससे उन राज्यों में अपेक्षित परिणामों में बदलाव आ सकता है जहां जीत-हार का अंतर बहुत कम है।
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