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    पीड़ित बोला- बड़े नाम होने की वजह से निवेश किया:मैनपुरी से 30 करोड़ की हुई ठगी, एक्टर श्रेयस तलपड़े समेत 12 पर दर्ज है FIR

    12 hours ago

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    मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर भोगांव थाना पुलिस ने सागा ग्रुप से जुड़े 12 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है। इनमें फिल्म अभिनेता श्रेयस तलपड़े का नाम भी शामिल है। मामला वर्ष 2015 का है, जब सागा ग्रुप ने भोगांव कस्बे में एलयूसीसी बैंक के नाम से एक शाखा खोली थी। निवेशकों को अधिक ब्याज दर और सुरक्षित रिटर्न का आश्वासन दिया गया। आकर्षक योजनाओं और बड़े नामों के प्रचार से प्रभावित होकर स्थानीय लोगों ने करोड़ों रुपये का निवेश किया। ठगी का शिकार हुए विकास तिवारी ने दावा किया कि कंपनी से जुड़े बड़े नामों के कारण लोगों में भरोसा पैदा हुआ। प्रचार के दौरान कई फिल्मी हस्तियों के नाम सामने आए, जिससे आम निवेशकों को लगा कि कंपनी विश्वसनीय है। इसी विश्वास के आधार पर लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी। आरोप है कि कंपनी ने भोगांव में अपना सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित किया था। एटीएम संचालन के लिए पहले हिताची कंपनी और बाद में टाटा कंपनी से टाइअप की बात कही गई थी। जब निवेशकों को भुगतान में देरी होने लगी, तो उन्हें बताया गया कि सरकार की जांच चल रही है। इसी बीच, कंपनी ने कथित तौर पर अपना कार्यालय दुबई स्थानांतरित कर लिया। विकास तिवारी के अनुसार, उनका और उनके परिवार का करीब 60 लाख रुपये फंसा है, जबकि परिचितों के साथ मिलाकर यह राशि डेढ़ करोड़ तक पहुंचती है। पूरे मैनपुरी जिले में लगभग 30 करोड़ रुपये फंसे होने का अनुमान है। उनका कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभ में भोगांव थाने में शिकायत करने पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद निवेशकों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बावजूद 5 दिसंबर तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दोबारा कोर्ट जाने के बाद 29 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। निवेशकों की मांग है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो और उनकी जमा पूंजी वापस दिलाई जाए।
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