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    पूविवि ने कैशलेस योजना पर दिए सख्त निर्देश:5 अगस्त तक पूरा करें शिक्षकों का ई-केवाईसी, तभी मिलेगा कैशलेस चिकित्सा कार्ड

    14 hours ago

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    जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पूविवि) प्रशासन ने मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ शिक्षकों और उनके आश्रितों तक समय पर पहुंचाने के लिए संबद्ध महाविद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने ई-केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी कराने पर विशेष जोर दिया है। 5 अगस्त तक ई-केवाईसी पूरा करने के निर्देश कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि योजना के लिए आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों का इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन (ई-केवाईसी) हर हाल में 5 अगस्त तक पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी पूरा न होने पर शासन स्तर से कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी नहीं किया जा सकेगा। ई-केवाईसी लंबित होने से अटके हैं कई आवेदन विश्वविद्यालय के अनुसार बड़ी संख्या में शिक्षकों ने योजना के लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन ई-केवाईसी लंबित होने के कारण उनके कैशलेस चिकित्सा कार्ड का अंतिम अनुमोदन नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने लंबित मामलों के निस्तारण हेतु समयबद्ध अभियान शुरू किया है। कॉलेजवार प्रगति सूची भी जारी विश्वविद्यालय प्रशासन ने करीब 26-27 पृष्ठों की कॉलेजवार प्रगति सूची जारी की है। इसमें यूजी, पीजी, कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि समेत विभिन्न संकायों से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों के ई-केवाईसी की स्थिति दर्शाई गई है। सूची में यह भी उल्लेख है कि किन महाविद्यालयों में कितने शिक्षकों का सत्यापन पूरा हो चुका है और कितने मामले अभी लंबित हैं। इसी आधार पर महाविद्यालयों की प्रगति की निगरानी की जा रही है। नाम छूटने की शिकायतों पर होगा परीक्षण कुछ शिक्षकों ने शिकायत की है कि आवेदन और आवश्यक विवरण जमा करने के बावजूद उनके नाम प्रगति सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी पात्र शिक्षक का नाम सूची से छूट गया है या कोई तकनीकी त्रुटि हुई है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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