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    Prabhasakshi NewsRoom: पर्यटक बनकर आये 1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी आतंकी निकले! मिजोरम से म्यांमार तक चल रहा था खतरनाक खेल

    3 hours from now

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    भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक चौंकाने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसने न केवल देश की सीमाओं बल्कि पूरे क्षेत्रीय संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने, मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध प्रवेश करने, म्यांमार सीमा पार कर वहां विद्रोही गुटों को प्रशिक्षण देने और यूरोप से ड्रोन की आपूर्ति कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।यह मामला साधारण गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के उजागर होने का संकेत देता है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसका उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना था। गिरफ्तार आरोपियों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक को इस नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है, जबकि छह यूक्रेनी नागरिक उसके सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे।इसे भी पढ़ें: Delhi Blast Case: आतंकी Zameer और Tufail को NIA कोर्ट ने भेजा जेल, खुलेंगे कई बड़े राज?जांच में सामने आया है कि ये सभी लोग पर्यटक वीजा पर भारत आये थे, लेकिन असली मकसद कुछ और ही था। ये लोग पहले गुवाहाटी पहुंचे और वहां से बिना आवश्यक अनुमति लिये मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश कर गये। इसके बाद इन्होंने अवैध रूप से म्यांमार की सीमा पार की और वहां सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों के साथ संपर्क स्थापित किया।सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इन विदेशी नागरिकों ने म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन युद्ध की उन्नत तकनीक सिखाई। जांच एजेंसी का दावा है कि ये गुट भारत के भीतर सक्रिय कुछ प्रतिबंधित संगठनों को भी समर्थन देते रहे हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण सीधे तौर पर भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता था।सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने यूरोप से कई बार ड्रोन की खेप मंगाकर मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचाई। इन ड्रोन का उपयोग निगरानी, हमले और तकनीकी जासूसी के लिये किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह नेटवर्क केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि हथियार और तकनीक की आपूर्ति का भी बड़ा माध्यम बन चुका था।गिरफ्तारी की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ हवाई अड्डे से उस समय पकड़ा गया जब वह देश छोड़ने की तैयारी में थे। वहीं तीन अन्य को दिल्ली हवाई अड्डे से और अमेरिकी नागरिक को कोलकाता में रोका गया। सभी को बाद में दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पूछताछ के लिये हिरासत में भेज दिया गया।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ये आरोपी एके-47 जैसे घातक हथियारों से लैस संदिग्ध लोगों के संपर्क में थे। इससे यह संकेत मिलता है कि यह केवल प्रशिक्षण मिशन नहीं बल्कि एक बड़े आतंकी गठजोड़ का हिस्सा था। एजेंसी अब इनके मोबाइल और डिजिटल डाटा की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और वित्तीय स्रोतों का पता लगाया जा सके।देखा जाये तो इस पूरे मामले का सामरिक महत्व बेहद गहरा है। भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, जहां अलगाववादी गतिविधियां समय समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में विदेशी नागरिकों द्वारा वहां जाकर विद्रोही गुटों को आधुनिक युद्ध तकनीक सिखाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये गंभीर खतरा है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अब युद्ध केवल बंदूक और सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तकनीक और ड्रोन जैसे आधुनिक साधनों के जरिये लड़ा जा रहा है।इसके अलावा, म्यांमार में चल रहे आंतरिक संघर्ष का प्रभाव भारत की सीमाओं तक पहुंचना भी चिंता का विषय है। यदि वहां सक्रिय गुटों को बाहरी समर्थन मिलता है, तो उसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ सकता है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिये भी एक चेतावनी है कि अब खतरे का स्वरूप बदल चुका है। पर्यटक के रूप में आने वाले लोग भी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में समय रहते की गई कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया, लेकिन यह स्पष्ट है कि भविष्य में और सतर्कता की जरूरत होगी।हम आपको यह भी बता दें कि यूक्रेन ने मिजोरम में बिना अनुमति प्रवेश और गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है और उनकी तत्काल रिहाई तथा राजनयिक पहुंच की मांग की है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्ज़ेंडर पोलिशचुक ने विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात कर एक औपचारिक विरोध-पत्र सौंपा जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तुरंत रिहाई और राजनयिक पहुंच का आग्रह किया गया। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मामला मिजोरम में यूक्रेनी नागरिकों की अनधिकृत उपस्थिति से जुड़ा है और विदेशी नागरिकों को उस राज्य में यात्रा के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। बयान में यह भी कहा गया कि मामला “भारत और म्यांमा के बीच राज्य सीमा के कथित अवैध पारगमन” से भी संबंधित है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के बारे में अंतरराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार भारत में स्थित यूक्रेन दूतावास को भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।” मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन ने हिरासत में लिए गए लोगों से तुरंत और निर्बाध राजनयिक पहुंच की अनुमति देने की मांग की है। यूक्रेन ने कहा कि अभी तक ऐसे ठोस तथ्य स्थापित नहीं हुए हैं जो यह साबित करें कि संबंधित यूक्रेनी नागरिक भारत या म्यांमा में किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ भारतीय और रूसी मीडिया में उपलब्ध तथ्यों की “खंडित एवं भ्रामक व्याख्या” की गई है और निराधार आरोप लगाए गए हैं। यूक्रेन ने कहा कि छह नागरिकों को अदालती कार्यवाही के दौरान कानूनी सहायता और बचाव पक्ष का वकील उपलब्ध कराया गया है। उसने कहा कि 16 मार्च को अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें यूक्रेनी दूतावास के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से सीधे बातचीत की अनुमति नहीं दी गई। सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी हिरासत 27 मार्च तक बढ़ाने का आदेश दिया। यह नहीं बताया गया कि सुनवाई किस स्थान पर हुई।यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत में कुछ क्षेत्र विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित हैं, जहां प्रवेश केवल विशेष परमिट से संभव है, लेकिन कई बार ऐसे क्षेत्रों का उचित चिह्नांकन नहीं होता, जिससे नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने का जोखिम रहता है। वहीं अमेरिकी नागरिक के मामले में पूछे जाने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, “हम स्थिति से अवगत हैं। गोपनीयता कारणों से हम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।''बहरहाल, यह मामला केवल सात लोगों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश है, जिसने यह साबित कर दिया है कि भारत के खिलाफ गतिविधियां अब वैश्विक स्तर पर संचालित हो रही हैं। ऐसे में मजबूत खुफिया तंत्र, सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई ही देश की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकती है।
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