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    रोडवेज ARM की रिश्वतखोरी की कहानी:हर महीने 3 हजार रुपये देने का दबाव, नहीं तो सस्पेंशन और ACR चौपट करने की धमकी

    9 hours ago

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    प्रयागराज में एक दिन पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार रोडवेज जीरो रोड डिपो के एआरएम अरविंद कुमार मिश्र ड्राइवर व कंडक्टरों से महीनेवार वसूली करते थे। यह आरोप उस कंडक्टर के हैं जिसकी शिकायत पर वह रंगेहाथ दबोचे गए। उसका कहना है कि एआरएम एकमुश्त रिश्वत तो मांग ही रहे थे, बल्कि ड्यूटी ठीक से लगाने, नौकरी सुरक्षित रखने और सेवा रिकॉर्ड यानी एसीआर सही रखने के नाम पर हर महीने तीन हजार रुपये देने का दबाव भी बना रहे थे। मृतक आश्रित कोटे से मिली थी नौकरी पीपलगांव उर्फ शाहपुर निवासी संगम सोनकर ने एंटी करप्शन संगठन को दिए शिकायती पत्र में बताया, मेरे पिता विजय बहादुर सोनकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के जीरो रोड डिपो में नियमित चालक थे। 26 जनवरी 2021 को उनके निधन के बाद 24 मई 2025 को मेरी नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे से नियमित कंडक्टर के रूप में हुई थी। वर्तमान में मैं मिर्जापुर-शक्तिनगर रूट पर कंडक्टर के रूप में कार्यरत हूं। "हर महीने 3 हजार दो, नहीं तो सस्पेंड कर दूंगा" 26 मई को एआरएम अरविंद कुमार मिश्र ने मुझे अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि अगर ड्यूटी सुचारू रूप से करनी है और नौकरी में कोई परेशानी नहीं चाहिए तो हर महीने तीन हजार रुपये देने होंगे। मैंने अपनी आर्थिक स्थिति और मां के ब्रेन ट्यूमर के इलाज का हवाला देते हुए रुपये देने में असमर्थता जताई। इस पर एआरएम ने कहा कि यहां सभी से पैसा लिया जाता है, अगर पैसा नहीं दोगे तो सस्पेंड कर दूंगा। सहकर्मी का रिकॉर्ड खराब करने का भी आरोप कंडक्टर के मुताबिक, एआरएम ने मुझे अपने साथी कंडक्टर मनिन्द्र से जानकारी लेने को कहा। संपर्क करने पर मुझे मनिन्द्र ने बताया कि उससे भी रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर उसके एसीआर में खराब टिप्पणी दर्ज कर दी गई थी। मनिन्द्र ने कहा कि वह एआरएम से उसका रिकॉर्ड ठीक कराने की भी बात करे। 5 हजार मनिन्द्र के, 3 हजार अपने: कुल 8 हजार की मांग 29 मई को मैं दोबारा एआरएम से मिला। इस पर एआरएम ने कहा कि मनिन्द्र का रिकॉर्ड सही करने के लिए 5 हजार रुपये और अपने तीन हजार यानी कुल 8 हजार रुपये लेकर आओ। इसके बाद उसने एंटी करप्शन में शिकायत की। इसके पहले छुट्टी पर चल रहे साथी मनिन्द्र को फोन कर पूरी जानकारी दी तो वह भी इस कार्रवाई के लिए तैयार हो गया। जांच में सही निकले आरोप 29 मई को शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। इसके बाद रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई। रिश्वत लेते हुए दबोचा गया शिकायतकर्ता ने टीम को बताया था कि एआरएम ने 1 जून को 8 हजार रुपये लेकर मिलने के लिए बुलाया है। इसके बाद निरीक्षक रविंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम ने जीरो रोड डिपो कार्यालय में जाल बिछाया। सोमवार दोपहर करीब 2:31 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को 8 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आज कोर्ट में किया जाएगा पेश एंटी करप्शन प्रयागराज इकाई थाना के अफसरों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिस एंटी करप्शन में ट्रांसफर करा दिया गया है। आरोपी मंगलवार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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