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    राहुल गांधी की ओर से आपत्ति पत्र दाखिल:मानहानि मामले में अगली सुनवाई 13 अप्रैल को, कोर्ट से बरी युवकों को बताया था आरोपी

    2 hours ago

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में हाथरस एमपी/एमएलए कोर्ट में आज उनकी ओर से आपत्ति पत्र दाखिल किया गया। न्यायिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण मामले की अगली सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी। यह मानहानि का मामला गांव बूलगढ़ी निवासी रामकुमार, रवि और लवकुश ने दायर किया है। परिवादियों का आरोप है कि राहुल ने 12 दिसंबर 2024 को गांव का दौरा करने के बाद अपने 'एक्स' अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। इस पोस्ट में राहुल गांधी ने उन तीनों को गैंगरेप का आरोपी बताया था, जबकि उन्हें 2 मार्च 2023 को अदालत द्वारा पहले ही दोषमुक्त किया जा चुका था। परिवादियों के अनुसार, कोर्ट से बरी होने के बाद वे सामान्य जीवन जी रहे थे और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बहाल हो चुकी थी। इस पोस्ट से उनकी छवि को दोबारा नुकसान पहुंचा। इस मामले में लखनऊ से आए अधिवक्ता आलोक चंद्रा, मनीष दीक्षित, आसिफ रिजवी के साथ स्थानीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद राहुल की ओर से आपत्ति पत्र दाखिल किया। आपत्ति पत्र मुख्य रूप से कहा गया है कि परिवादी द्वारा संलग्न 'एक्स' हैंडल पोस्ट के अवलोकन से प्रथमदृष्टया यह स्पष्ट होता है कि राहुल ने जो भी बयान दिया, वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में लोकहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिया था। लोकसभा में दिए गए इस बयान को ही चलचित्र सहित 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट किया गया, जो पूर्ण रूप से वैधानिक है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 105 (2) का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार "संसद में या उसकी किसी समिति में संसद के किसी सदस्य द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में उसके विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।" आपत्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि राहुल द्वारा परिवादी की कोई मानहानि अथवा अपमान नहीं किया गया है। यह परिवाद राहुल की छवि धूमिल करने, उनसे अवैध धन वसूली करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से झूठा, फर्जी और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो पोषणीय नहीं है। न्यायहित में इस परिवाद को निरस्त किया जाना आवश्यक है।
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