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    राइस मिल में छापते थे नकली नोट, STF ने पकड़ा:श्रावस्ती में दिवाली 1.74 लाख के नोट, प्रिंटर-छपाई का सामान मिला

    1 day ago

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    श्रावस्ती में जिले में नकली भारतीय मुद्रा छापने वाले गिरोह का पुलिस और एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। थाना सोनवा पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने मल्हीपुर रोड स्थित गिरिराज राइस मिल (भिटिया चौराहा) में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से कुल 1 लाख 74 हजार रुपये के नकली भारतीय नोट, एक कैनन कलर प्रिंटर, चार भरे हुए प्रिंटर इंक रिफिल, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कागज और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से 5,500 रुपये नकद भी मिले हैं। पुलिस की ओर से 6 नवंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 5 नवंबर को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ और थाना सोनवा पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि मल्हीपुर रोड स्थित गिरिराज राइस मिल में कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से जाली भारतीय मुद्रा तैयार कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और एसटीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पूरे परिसर की तलाशी ली गई, जिसमें नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण बरामद हुए। 100, 500 और 2000 रुपये के नकली नोट बरामद पुलिस के मुताबिक, बरामद जाली भारतीय मुद्रा में 100 रुपये के 537 नोट, 200 रुपये के 44 नोट और 500 रुपये के 223 नोट शामिल हैं। इन सभी नोटों का कुल अंकित मूल्य 1 लाख 74 हजार रुपये बताया गया है। इसके अतिरिक्त मौके से एक अदद कैनन कलर प्रिंटर मय केबल, चार भरे हुए प्रिंटर इंक रिफिल, 156 अदद ए-4 साइज पेपर पर दोनों तरफ छपे जाली नोटों के प्रिंट, एक जेके एक्सेल सुपर व्हाइट बांड पेपर, पांच पैकेट ब्लेड, तीन अदद कैंची, दो स्टील स्केल और कटर ब्लेड सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 5,500 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और पहचान संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। बरामद सभी सामान को पुलिस ने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया पूरी की। पूछताछ में सामने आई नकली नोटों के कारोबार की योजना पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने नकली नोट तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने की बात बताई। पूछताछ में बताया गया कि कैनन कलर प्रिंटर, कागज और अन्य उपकरणों की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपियों में से बृजेन्द्र गोस्वामी ने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से नकली नोट छापने की जानकारी हासिल करने की बात स्वीकार की। पूछताछ में यह भी बताया गया कि दीपावली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए दुकानदारों से सामान और जेवरात खरीदने के बहाने नकली नोटों का इस्तेमाल करने तथा जुआ खेलने वाले लोगों के बीच भी नकली नोट पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी। आरोपियों ने अधिक मात्रा में नकली नोट तैयार कर बाजार में चलाने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस की छापेमारी के चलते कथित कारोबार का खुलासा हो गया। एक आरोपी का पहले भी आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में गिरिराज शंकर जायसवाल और नरेन्द्र कुमार चौरसिया का आपराधिक इतिहास शून्य बताया गया है। वहीं, बृजेन्द्र गोस्वामी के खिलाफ पहले से थाना इकौना में मुकदमा अपराध संख्या 0320/2020 के तहत आईपीसी की धारा 323, 352, 452, 504 और 506 में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। सोनवा थाने में दर्ज हुआ मुकदमा इस मामले में थाना सोनवा पर मुकदमा अपराध संख्या 0196/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5), 318(2), 180, 181 और 182 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक गौरव सिंह द्वारा की जा रही है। संयुक्त टीम ने की कार्रवाई इस पूरी कार्रवाई में थाना सोनवा पुलिस और एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्रवाई में थाना सोनवा के प्रभारी निरीक्षक विष्णुदेव पाण्डेय, एसटीएफ के उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, राजेश मौर्य, थाना सोनवा के चौकी प्रभारी चंद्रभान बुजुर्ग सहित एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के अन्य जवान शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि बरामद जाली नोटों, प्रिंटर और अन्य उपकरणों को विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया गया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर नकली नोटों के इस कथित कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।
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