Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    राजाराम हत्याकांड: 'पूर्व महामंत्री प्रभावित कर रहे जांच':कहा- राकेश तिवारी की आय व संपत्ति की हो जांच, CM से करूंगा शिकायत

    5 hours ago

    1

    0

    मेरे पिता की हत्या की जांच को प्रभावित किया जा रहा है, लखनऊ और कानपुर के कुछ अधिकारी राजनैतिक दबाव में आकर जांच को प्रभावित कर रहे है। एनआरआई सिटी के प्रबंध निदेशकों व बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री के राकेश तिवारी विवेचना को प्रभावित कर रहे हैं, अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं सीएम से शिकायत करने जाऊंगा… यह कहना था एडवोकेट राजाराम के बेटे नरेंद्र देव का । सोमवार को उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों की भूमि को लेकर मेरे पिता की हत्या की गई। दावा किया कि सफेदपोश और प्रभावशाली लोग इसमें शामिल थे, लेकिन शुरुआती जांच में इंस्पेक्टर आशीष कुमार द्विवेदी ने मुख्य साजिश कर्ताओं को क्लीनचिट दे दी, सिर्फ चार लोगों के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की गई। यह था पूरा प्रकरण आईआईटी में डिप्टी रजिस्ट्रार रहे अधिवक्ता राजाराम वर्मा को 22 दिसंबर 2021 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने नवाबगंज थाने में राजबहादुर और एनआरआई सिटी के मालिकों समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नवाबगंज पुलिस ने इस मामले में चौबेपुर के शूटर दिलनियाज और रोहित यादव, हत्या की सुपारी लेने वाले फत्तेपुर के अंकित यादव और नवाबगंज भोपालपुरवा के राम खिलावन को जेल भेजा था, जबकि एफआईआर में दर्ज राजबहादुर का नाम निकाल दिया था। ऑपरेशन महाकाल के दौरान नरेंद्र देव ने 25 अप्रैल 2025 को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर अग्रिम विवेचना की मांग की थी। 19 नवंबर 2025 को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने जांच तत्कालीन जेसीपी मुख्यालय को सौंपी, प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने रेखा वर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया लेकिन वह गायब हो गई। मुंबई स्थित रेखा के फ्लैट पर भी पुलिस गई लेकिन वह नहीं मिली। बीते मंगलवार को पुलिस ने रेखा को प्रोग्रेसिव सेलिब्रिटी अपार्टमेंट बेलापुर नवी मुंबई से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच में डेढ़ करोड़ के संदिग्ध लेन-देन, 1300 मिनट की बातचीत और सुपारी के एडवांस 50 हजार रुपये जैसे खुलासे हुए हैं। नरेंद्र देव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि मेरे व परिवार की सुरक्षा को लेकर अनदेखा किया जा रहा है, जबकि बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को गनर भी मुहैया कराया गया था। पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग उन्होंने कहा कि लखनऊ और कानपुर में तैनात कुछ वरिष्ठ अधिकारी पैसे और समान जाति के प्रभाव से एनआरआई सिटी के निदेशकों को संरक्षण दे रहे हैं। कहा कि हत्याकांड से जुड़े साजिशकर्ताओं के नाम हटाने वाले पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो। राकेश तिवारी की आय व संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच की जाए। पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो, सभी साजिशकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार किया जाए और परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। उनका आरोप है कि राजनीतिक पहुंच और धनबल से जांच प्रभावित की जा रही है, जिससे परिवार को लगातार खतरा महसूस हो रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ग्राम चौपाल, चकबंदी समस्याओं पर हुई चर्चा:विरासत और बैनामे के लंबित मामलों में कार्रवाई के निर्देश
    Next Article
    कारोबारी रिपू कुमार बने राष्ट्रीय सचिव:अखिल भारती पंचायत परिषद ने दी जिम्मेदारी, बोले, " निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से करुंगा काम "

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment