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    रील-सेल्फी और फिर झूले से गिरकर मौत:पिता बोले- बेटे की नाक से खून निकल रहा था, गुस्से में मैंने गार्ड का गिरेबान पकड़ा

    3 hours ago

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    'वो मंजर मैं कभी नहीं भूल सकता। मेरी आंखों के सामने मेरा बेटा 45 फीट की ऊंचाई से गिरा। मैं चीखते हुए बदहवास उसकी तरफ भागा। कुनाल जमीन पर पड़ा था। उसकी नाक से खून निकल रहा था। उसे उल्टी हुई थी। उसका शरीर बिल्कुल ढीला पड़ चुका था। मैं उसे उठाकर आवाज दे रहा था- “कुनाल… बेटा उठो…”, लेकिन वो नहीं उठा। अब मेरा बेटा वापस नहीं आएगा। लेकिन, मैं चाहता हूं कि मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार हर व्यक्ति को सजा मिले। चाहे कर्मचारी, मालिक या फिर अधिकारी हों, मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार सभी लोग हैं।' ये दर्द है पंकज अग्रवाल का, जिनके बेटे कुनाल की आगरा में रविवार (24 मई) को 45 फीट ऊंचे जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। वह माता-पिता और भाई के साथ फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। पंकज अपने बेटे की आखिरी सेल्फी को देखकर रोने लगते हैं। दैनिक भास्कर से तस्वीर शेयर करते हुए अपना दर्द बर्या किया। अब पढ़िए बेटे को खोने वाले पिता का दर्द… मैंने गुस्से में गार्ड का गिरेबान पकड़ लिया पंकज बताते हैं- सबसे ज्यादा दर्द मुझे इस बात का है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी वहां कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। मैं और मेरी पत्नी चीखते रहे, रोते रहे। चौपाटी के कर्मचारियों का रवैया देखकर मेरा खून खौल गया। गुस्से में मैंने एक गार्ड का गिरेबान पकड़ लिया। तब जाकर दो लोग मदद के लिए आए और बेटे को अस्पताल ले गए। वहां कोई प्राथमिक उपचार तक की व्यवस्था नहीं थी। बेटे ने पूरे दिन घूमने का प्लान किया था बेटा कुनाल कई दिनों से आगरा चौपाटी घूमने की जिद कर रहा था। आगरा के तारघर मैदान में भी कार्निवल (मेला) लगा था, जो 25 मई को खत्म हो रहा था। संडे को चूड़ी बाजार बंद होने के कारण हमने घूमने का प्लान बनाया था। बेटे कुनाल ने तो पूरे दिन घूमने का प्लान बना लिया था। खाटू श्याम मंदिर, इसके बाद मूवी, फिर चौपाटी और लास्ट में तारघर कार्निवल में जाकर रात करीब 11 बजे तक घर लौटना था। प्लान के अनुसार, हम पहले मंदिर गए, फिर मूवी देखी। शाम करीब 6 बजे हम चौपाटी पहुंचे। बेटे कुनाल ने सबके साथ सेल्फी भी ली। आगरा की चौपाटी ने मेरी जिंदगी मुझसे छीन ली। पिछले महीने 21 अप्रैल को ही हमने उसका बर्थडे बहुत खुशी से मनाया था। उसे एडवेंचर पसंद था, इसलिए वहां गया था। किसे पता था कि वही शौक उसकी जान ले लेगा। मां बोली- हम चिल्लाते रहे, कोई कर्मचारी सामने नहीं आया… कुनाल की मां रिंकी अग्रवाल ने बताया कि बेटे के गिरने के बाद हम मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई कर्मचारी सामने नहीं आया। बाद में वहां मौजूद लोगों की मदद से कुनाल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने चौपाटी प्रबंधन और मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हादसे की 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए कैसे हुआ था हादसा आगरा में रविवार (24 मई) को चूड़ी कारोबारी के 16 साल के बेटे की जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिरा। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और भाई वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। हादसे के बाद पुलिस ने जिप लाइन का संचालन बंद करा दिया। ADA ने 1 साल पहले कंपनी को ठेका दिया था आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी ने ताजगंज में जयपुर के मसाला चौक की तर्ज पर साल- 2023 में चौपाटी विकसित की थी। शुरुआत में पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों की भी यहां अच्छी खासी भीड़ उमड़ी थी। लेकिन, एक साल बाद लोगों का आना कम हो गया। इसके बाद पिछले साल अक्टूबर में EOD (एवरी अदर डे) एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया। कंपनी ने यहां जिप लाइनिंग, जिप साइक्लिंग, गो-कार्टिंग और बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू किए। इसके बाद रोमांच पसंद करने वाले युवाओं की यहां आवाजाही बढ़ने लगी। ईओडी एडवेंचर कंपनी के पास चौपाटी के अलावा आगरा के सुभाष पार्क का भी ठेका है। सुभाष पार्क भी एडीए के अंडर में आता है। एडीए वीसी ने हादसे के बाद 5 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें एडीए सचिव, रिचा कौशिक पीपी, चीफ इंजीनियर सजीव कुमार, एक्सईएन विद्युत अनिल कुमार और प्रभारी प्रवर्तन जांच करेंगे। 2 घंटे तक चौपाटी में रही जांच टीम आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की 5 सदस्यीय टीम ने 26 मई से जांच शुरू कर दी। एडीए सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में हादसे के करीब 41 घंटे बाद मौके पर पहुंची टीम ने जिप लाइन के तारों की पड़ताल की। साथ ही उस तरह की बेल्ट का हुक भी चेक किया गया, जिसके खुलने से लड़का 45 फीट ऊंचाई गिरा था। जांच टीम लगभग 2 घंटे तक चौपाटी में रही। इस दौरान टीम के सदस्यों ने कई पहलुओं पर हादसे के कारण की जांच की। अब एवरी अदर डे कंपनी के बारे में जानिए? यह थीम आधारित एडवेंचर पार्क कंपनी है। इसके पार्क दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा और करनाल समेत कई शहरों में मौजूद हैं। इन पार्कों में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन और एडवेंचर गतिविधियां उपलब्ध होती हैं। जानिए कौन हैं ADA की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली एम. अरुन्मोली आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की उपाध्यक्ष (VC) हैं। इन्हीं के कार्यकाल में EOD (एवरी अदर डे) एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। अरुन्मोली 2017 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अफसर हैं। उन्होंने 23 अगस्त, 2024 को एडीए उपाध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया था। एम. अरुन्मोली इससे पहले गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर तैनात थीं। वहीं, आगरा में साल- 2019 से 2021 तक जॉइंट मजिस्ट्रेट और सदर उपजिलाधिकारी (SDM) के रूप में भी काम कर चुकी हैं। जिप लाइन क्या होती है, जानिए… जिप लाइन एक तरह के झूले जैसा एडवेंचरस खेल होता है। इसमें एक मजबूत तार या केबल दो ऊंची जगहों के बीच लगी होती है। व्यक्ति को सुरक्षा बेल्ट और हुक से इस तार से बांध दिया जाता है। जब उसे छोड़ा जाता है, तो वह तार के सहारे फिसलते हुए एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचता है। इसमें व्यक्ति हवा में लटककर तेजी से आगे बढ़ता है, इसलिए इसे रोमांचक खेल माना जाता है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. मरे बेटे से मां बोली- उठ जा...मेरे साथ घर चल, लाश गोद में रखकर रोती रही; आगरा में 45 फीट ऊंचे झूले से गिरकर हुई थी मौत ‘बेटा उठ जा, मैं कुछ नहीं कहूंगी। उठ जा बेटे तुझे तो बहुत गर्मी लगती है। तू जैसे मेरे साथ आया था, वैसे ही घर चल।’ मां रोते हुए बेटे की लाश से यह बात कह रही थी। लाश का सिर गोद में रखे थी। बीच-बीच में कभी उसका सीना दबाती, तो कभी उसे गले लगाती। कभी हथेलियां रगड़ती। दूसरी तरफ पिता और छोटा भाई बैठकर रो रहे थे। छोटा भाई कहता है- भाई उठ जा यार। पढ़ें पूरी खबर…
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