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    रामायण बेला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में निकली भव्य शोभायात्रा:श्रीराम, जानकी और हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा का मुख्य पर्व 27 को

    3 hours ago

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    नवनिर्मित देवस्थान ‘श्रीरामायण वेला’ में आयोजित 9 दिवसीय श्रीरामायण वेला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकली। इसके साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो रहा है। श्री वाल्मीकि रामायण कथा के बीच आचार्य रक्षाबंधन, तीर्थसंग्रह, यज्ञशाला प्रवेश, चतु:स्थान पूजन, दिव्यप्रबंध पाठ, प्रभु श्रीराम, माता जानकी और हनुमान जी महाराज का जलाधिवास एवं धान्याधिवास, पूर्णाहुति तथा सात्तुमरै कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न कराए गए।प्रातःकाल श्रीरामायणवेला, रामसेवक पुरम से रथ व बैंड-बाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मां सरयू तट पहुंची, जहां वैदिक विद्वानों ने विधिवत पूजन और अभिषेक कराया। वरुण आवाहन के पश्चात माताओं-बहनों ने कलश में सरयू जल भरकर पुनः कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर पूजन कराया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों को यज्ञशाला में प्रवेश कराया गया। पूरा आयोजन जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज के निर्देशन में संपन्न हो रहा है। जगतगुरु स्वामी रत्नेशप्रपन्नाचार्य जी महाराज ने बताया कि 19 फरवरी से रामसेवक पुरम में श्रीरामायण वेला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ श्री वाल्मीकि रामायण कथा से हुआ। बुधवार को कलश यात्रा एवं मंडप प्रवेश के साथ यज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठानों का विधिवत आरंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में माताएं, बहनें, श्रद्धालु एवं अयोध्या के संत-महंत उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को प्रभु श्रीराम, माता जानकी और हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी। बुधवार को आयोजित कार्यक्रमों में भगवदनुज्ञा, आचार्यानुज्ञा, श्रीविष्वकसेन पूजन, पुण्याहवाचन, मृद संग्रह, अंकुरारोपण, दिव्यप्रबंध पाठ, जलाहरण, धान्याधिवास एवं जलाधिवास प्रमुख रहे।समस्त अनुष्ठान दक्षिण भारत से पधारे श्री वेंकटेश भट्टर स्वामी के आचार्यत्व में पांचरात्रागम विधि से संपन्न हो रहे हैं। कलश यात्रा में जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कुरेशाचार्य, डॉक्टर श्री कृष्ण कुमार पांडे, आचार्य ऋषि कुमार तिवारी सहित सैकड़ो लोग सम्मिलित हुए।
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