Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रिश्वत मामले में कारगिल योद्धा पुलिस कमिश्नर से मिले:एसआई की पूरी कहानी बताई, सीपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन

    2 hours ago

    1

    0

    इरादत नगर थाने में 2025 में जयप्रकाश शर्मा, गजेंद्र पाल, वातेंद्र, नगेंद्र और सत्यवीर के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने का आरोप में एफआईआर दर्ज हुई। इस मामले की विवेचना एसआई मानवेंद्र गंगवार कर रहे थे। नगेंद्र द्वारा पुलिस कमिश्नर के नाम दी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि विवेचक सभी लोगों के नाम निकालने के लिए 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति की मांग कर रहे हैं। रुपए न देने पर आरोपी बनाते हुए चार्जशीट लगाने की धमकी दे रहे हैं। विवेचक द्वारा रुपए की मांग के लिए कई बार बुलाया गया। फोन पर भी जल्द रुपए का इंतजाम करने की बात कही गई। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी एसआई को निलंबित कर दिया था। पूरे मामले की जांच एडिशनल पुलिस कमिश्नर रामबदन सिंह को दी गई। बयान दर्ज किए गए गुरुवार को पूर्व फौजी पुलिस कमिश्नर से मिले। उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे दे दिया। इसके बाद विवेचक ने उनसे 5 लाख रुपए के हिसाब से मुकदमे से नाम निकालने की मांग की। उन्होंने जब रुपए देने में असमर्थता जताई तो जेल भेजने और चार्जशीट लगाने की धमकी दी। पुलिस कमिश्नर ने पूर्व फौजी को जमीन मामले की फिर से जांच कराने की बात कही है। वहीं, एडिशनल सीपी ने पूर्व फौजी के बयान दर्ज किए हैं। 5 मिनट का वीडियो, नगेंद्र की ओर से एक वीडियो दिया गया। ये वीडियो 5 मिनट का है। इसमें एक व्यक्ति आरोपी एसआई से बात कर रहा है। वो कह रहा है कि चार्जशीट फाइनल करेंगे तो कोर्ट में जाना पडे़गा। एसआई कहते हैं कि जैसे मैंने गजेंद्र पाल का नाम निकाल तो मुझे कोर्ट में जाना होगा। मुझे साबित करना होगा कि मैंने कैसे उनका नाम निकाला। अपने गले में फंदा क्यों लगाऊंगा। शाम को किस समय आ जाऊं। कल फोन करके आना। मैं जैतपुर जाऊंगा। तुम्हारी तरह ही एक मुकदमा है। बहुत प्रेशर है। इंस्पेक्टर कई फोन कर चुके। क्यों नहीं कर रहे। एसआई कहता है कि मुझे तो कही जाना नहीं होता। इंस्पेक्टर को क्राइम मीटिंग में जवाब देना होता है। धारा 467, 468 और 71 का जो मुलजिम होता है वो वांछित में आता है। 323, 504 के हजारों मुलजिम घूम रहे हैं। कोई नहीं पूछ रहा, लेकिन 71 धारा ऐसी है, जिसमें हाईकोर्ट से जमानत होती है। थाने के 5 वांछित दिखा रहा है। तीन का स्टे हैं। गजेंद्र का नाम निकल जाएगा, लेकिन जब तक चार्जशीट नहीं लग जाएगी, पेडिंग दिखाता रहेगा। डीसीपी को बस रुपए चाहिए एसआई वीडियो में कहता दिख रहा है कि डीसीपी रोज लताड़ लग रहे हैं। डीसीपी को केवल रुपए से मतलब है। हद से हद तीन दिन में एसओ बदलने वाले हैं। हमारे चौकी इंचार्ज को आफर है कि तीन लाख रुपए दो बसौनी थाने का चार्ज लो। सीधा चल रहा है। मुझसे भी 60 हजार रुपए में चौकी मिलने को कहा गया है, लेकिन मैं ले नहीं रहा। आजकल कोई नहीं पूछ रहा कितना टैलेंट है। बस रुपए दो चार्ज लो। 20-25 में तो दूसरे के नाम निकाले एसआई युवक से कह रहे हैं कि अब तुम कल फाइनल करके आना। जैसे वो 20-25 की कह रहे हैं वो अलग मामला होता है। जैसे राय आई। इस मामले में सत्तो प्रधान, आनंद बाबू, ममता समेत 7 को फंसाया गया। उनसे लिए 25 हजार और नाम निकाल दिए। वो होता है 25 हजार का मामला।
    Click here to Read more
    Prev Article
    महोबा पुलिस ने 11 लाख का गांजा नष्ट किया:15 मुकदमों से जुड़ा 44 किलो से अधिक गांजा जलाया
    Next Article
    74 लाख की हेराफेरी में लेखपाल समेत 6 पर केस:देवरिया में फर्जी कागजात से जमीन मुआवजा घोटाला, जांच के बाद कार्रवाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment