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    राष्ट्रपति का मथुरा दौरा:बाबा नीम करौरी और उड़िया बाबा की समाधि स्थल का दर्शन करेंगी, संत प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक चर्चा होगी

    1 hour ago

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    राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू 3 दिन की धार्मिक यात्रा पर 19 मार्च को मथुरा पहुंच रही हैं। वह यहां इस्कॉन,प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी तो वहीं नीम करौरी बाबा,उड़िया बाबा की समाधि स्थल के दर्शन करेंगी। द्रोपती मुर्मू अपने दौरे के दौरान संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली भी जाएंगी। जहां वह संत प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। राष्ट्रपति मथुरा में 43 घंटे तक रहेंगी। आयोध्या से आएंगी मथुरा राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू 19 मार्च को अयोध्या जाएंगी। जहां वह विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी। अयोध्या के महर्षि वाल्मिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सेना के विमान से आगरा एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगी। आगरा से राष्ट्रपति सेना के हेलीकॉप्टर से मथुरा कैंट स्थित सेना के हैलीपेड पर पहुंचेगी। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी संशोधित ड्राफ्ट इटिनरी (कार्ययक्रम) के अनुसार राष्ट्रपति 19 मार्च से 21 मार्च तक अयोध्या, वृंदावन और गोवर्धन के दौरे पर रहेंगी। इस्कॉन मंदिर के दर्शन से होगी यात्रा की शुरुआत राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू सेना के हैलीपेड से नेशनल हाईवे होते हुए शाम करीब 5:35 पर वृंदावन स्थित रेडिसन होटल आएंगी। यहां से वह शाम 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। जहां वह एक घंटे तक रहेंगी। यहां वह भगवान कृष्ण बलराम,राधा कृष्ण और निताई गौर के दर्शन करेंगी। वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी। प्रेम मंदिर जाएंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति मथुरा दौरे के पहले दिन इस्कॉन के बाद देर शाम प्रेम मंदिर जाएंगी। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा निर्मित किए गए प्रेम मंदिर में वह भगवान के दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर का उद्घाटन 17 फरवरी 2012 को हुआ था। प्रेम मंदिर का निर्माण कार्य जनवरी 2001 में शुरू हुआ था। 12 साल में बनकर तैयार हुए इस मंदिर में सफेद इटेलियन पत्थर का प्रयोग किया गया है। यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन करने के साथ साथ शाम के समय होने वाली लाइटिंग देखने के लिए आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में भी शामिल होंगी। केली कुंज आश्रम में करेंगी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात राष्ट्रपति दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा से होगी। संभावित समय के अनुसार वह सुबह 7:25 पर रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। जहां वह 8 बजे तक रहकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बाबजूद वह राधारानी की कृपा से सकुशल हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनका सोशल मीडिया पर तेजी से प्रचार बढ़ा तो उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई। नामचीन लोग हैं संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में प्रतिष्ठा के शिखर पर हैं। उनके शिष्यों में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली,उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा,WWE चैंपियन रिंकू सिंह के अलावा अन्य नामचीन हस्तियों के नाम हैं। उनसे मिलने संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अलावा राजनीतिक,फिल्मी जगत खेत जगह,आध्यात्मिक जगत,सांस्कृतिक जगत की हस्तियां उनसे मुलाकात करने के लिए आ चुकी हैं। बाबा नीब करोरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने के बाद होटल जाएंगी। जहां से सुबह 11:10 बजे हनुमान जी के अनन्य भक्त और उनका कलयुग में स्वरूप माने जाने वाले बाबा नीम करौरी के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम जाएंगी। जहां वह बाबा नीब करोरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इस दौरान वह हनुमान जी के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के आश्रम पहुंचने पर उनका प्रबंधन बाबा का प्रसादी कंबल और लड्डू प्रसाद देकर स्वागत करेगा। 1973 में बाबा ने त्यागा था शरीर हनुमान जी की असीम अनुकंपा प्राप्त बाबा नीम करौरी ने 11 सितंबर 1973 में इसी आश्रम में अपना शरीर छोड़ा था। बाबा कैंची धाम जा रहे थे लेकिन अचानक उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया। बाबा जैसे ही वृंदावन में प्रवेश किए उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाबा आश्रम पहुंचे और अपना शरीर त्याग दिया। बाबा के गोलोक गमन के बाद उनका यहां समाधि स्थल बना हुआ है। इसके साथ ही ध्यान कक्ष है जहां बाबा ध्यान लगाते थे। राष्ट्रपति यहां आधा घंटे तक रहेंगी। उड़िया बाबा की समाधि के करेंगी दर्शन बाबा नीम करौरी के समाधि स्थल से राष्ट्रपति का काफिला दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम पहुंचेगा। जहां वह जगन्नाथ पूरी के राजगुरु के परिवार के सदस्य आर्थ प्राण मिश्रा उर्फ स्वामी पूर्णानंद उर्फ उड़िया बाबा की समाधि के दर्शन करेंगी। 1875 में जन्में आर्थ प्राण मिश्रा ने जब पूरी शंकराचार्य से दंड संन्यास लिया तो उनका नाम स्वामी पूर्णानंद तीर्थ हो गया। बाबा 1913 में जब वृंदावन आए तो उनको ब्रजवासी उड़ीसा से आने के कारण उड़िया बाबा कहने लगे। उड़िया बाबा का यह नाम अब तक प्रसिद्ध हो गया। संत प्रेमानंद महाराज भी पढ़ते हैं उड़िया बाबा के उपदेश संत स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा के बारे में कहा जाता है वह वृंदावन आने वाले पहले संत थे। उड़िया बाबा 1913 में वृंदावन आए थे। उड़िया बाबा द्वारा लिखित कई पुस्तकों ने आध्यात्म को राह प्रदान की है। संत प्रेमानंद महाराज भी श्री उड़िया बाबा के उपदेश पुस्तक के बारे में कहते हैं यह उनके जीवन गाइड है। इसने ऐसा गाइड किया है कि आजतक दूर नहीं कर पाए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का करेंगी उद्घाटन राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू का काफिला उड़िया बाबा आश्रम से दोपहर 12:30 मथुरा वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंचेगा जहाँ वह रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर विभाग) का उद्घाटन करेंगी। रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण दिया था। पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सबसे बेहतर होगा यह कैंसर ब्लॉक सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में यह चार मंजिला कैंसर ब्लॉक रोगियों के सेवार्थ और लाभार्थ उत्कृष्ट कार्य करेगा। अत्याधुनिक मेडिकल संसाधनों से सुसज्जित एवं सुशोभित इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रकीथेरेपी, कैंसर आधुनिक शस्त्र चिकित्सा, कीमोथेरेपी, इम्मुनोथेरपी एवं हॉर्मोनथेरपी, आरटी सीटी स्कैन, PET सीटी स्कैन, एक जनरल वार्ड, डे केयर, फार्मेसी, प्राइवेट केबिन जैसे कई सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आस-पास के राज्यों में यह केवल एकमात्र आधुनिकतम सुविधावाली कैंसर चिकित्सा विभाग होगी। यहां पर हर तरह के कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। साध्वी ऋतम्भरा से करेंगी मुलाकात राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में एक घंटे रहने के बाद वापस होटल जाएंगी। दोपहर को आराम करने के बाद राष्ट्रपति शाम 5:10 पर साध्वी ऋतम्भरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम जाएंगी। यहां वह पद्मश्री साध्वी ऋतम्भरा से मुलाकात करेंगी। उन बच्चियों से मिलेंगी जिनका कोई अपना न होने पर वात्सल्य ग्राम में आश्रय दिया गया है। यहां राष्ट्रपति उन महिलाओं से भी मुलाकात करेंगी जो यहां दादी,नानी,मौसी बनकर बेसहारा बच्चियों के साथ रिश्ता निभा रही है। 21 किलोमीटर की देंगीं परिक्रमा राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू अपने दौरे के तीसरे दिन सुबह करीब 9 बजे वृंदावन से गोवर्धन के लिए रवाना हो जाएंगी। जहां वह दानघाटी मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना करेंगी और गिर्राज जा का दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति गोवर्धन की 21 किलोमीटर की गोल्फ कार्ट से परिक्रमा करेंगी। राष्ट्रपति 21 मार्च को गोवर्धन स्थित हैलीपेड से दिल्ली के लिए रवाना हो जायेंगी। वृंदावन को जा रहा सजाया और संवारा राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू के वृंदावन और गोवर्धन दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारी वृंदावन की सड़कों को दुरुस्त करा रहे हैं तो रास्ते में पढ़ने वाली सभी दीवारों पर पेंट किया जा रहा है। इन दीवारों पर भगवान की पेंटिंग बनाई जा रही है। बिजली विभाग खंभों,झूलते तारों को दुरुस्त करा रहा है। जिन सड़कों को वर्षों से लोग बनवाने की मांग कर रहे थे वह अब तेजी से सही की जा रही हैं।
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