Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रिटायर फौजी से कहा- आठ लाख में दरोगा बनवा दूंगा:प्रयागराज में यूपी पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 7.71 लाख का फ्रॉड

    4 hours ago

    1

    0

    प्रयागराज में यूपी पुलिस में उपनिरीक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर सेवानिवृत्त फौजी से 7.71 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को सेना का जवान बताकर पहले भरोसा जीता और फिर लखनऊ सचिवालय, डीआईजी और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से पहचान होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने का झांसा दिया। कई महीनों तक अलग-अलग खातों के क्यूआर कोड भेजकर रकम मंगाई जाती रही। परीक्षा में नाम नहीं आया तो रिजल्ट में गलती होने की बात कही गई। दस्तावेज सत्यापन के नाम पर लखनऊ बुलाया और चारबाग स्टेशन से ही वापस भेज दिया। पूर्व सैनिक की शिकायत पर शिवकुटी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सऐप चैट, बैंक खातों और रकम भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए क्यूआर कोड को जांच का अहम आधार बनाया गया है। सेना में साथ रहा था आरोपी, इसी भरोसे में फंसे सलोरी के चांदपुर निवासी पूर्व सैनिक विपिन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत रहे हैं। ट्रेड प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात सेना में तैनात सुरेश चौहान से हुई थी। दोनों एक ही बैरक में रहते थे, इसलिए विपिन को उस पर भरोसा था। विपिन के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2025 को बातचीत के दौरान सुरेश ने कहा कि लखनऊ सचिवालय में उसके ससुर के परिचित एके सिंह हैं, जो क्राइम ब्रांच के एसएसपी हैं। उनकी अधिकारियों में अच्छी पकड़ है और वह कई लोगों को एसआई की नौकरी दिला चुके हैं। सुरेश ने कहा कि पूर्व सैनिक होने के कारण विपिन की भी एक्स सर्विसमैन कोटे से नियुक्ति करा दी जाएगी। इसके बाद सुरेश ने एक मोबाइल नंबर दिया और कहा कि इसी नंबर पर व्हाट्सऐप से बात करें। आरोपी ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह खुद एके सिंह से बात कर चुका है। दिसंबर से शुरू हुआ रकम भेजने का सिलसिला शिकायत के मुताबिक 3 दिसंबर 2025 से व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। 10 दिसंबर को पहली बार दीपक यादव के नाम का क्यूआर कोड भेजा गया। विपिन ने दो बार में 50-50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 29 दिसंबर को अभय कुमार शुक्ला के नाम पर 30 हजार रुपये भेजे गए। इसके बाद आरोपी लगातार नई-नई जरूरत बताकर रकम मांगता रहा। अप्रैल और मई 2026 में राजन कुमार सिंह, अंकुश सिंह और राहुल कुमार के नाम से क्यूआर कोड भेजे गए। इनमें कई बार 45, 49 और 50 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर कराई गई। विपिन के मुताबिक, हर भुगतान के बाद उसे नौकरी पक्की होने का भरोसा दिलाया जाता था। कभी कहा गया कि डीएमयू को पैसा देना है तो कभी अधिकारियों से बात होने की बात कही गई। परीक्षा से पहले कहा- '100 प्रतिशत नियुक्ति होगी' विपिन का आरोप है कि 9 मार्च 2026 को उनका प्रवेश पत्र डाउनलोड हुआ और 15 मार्च को परीक्षा हुई। परीक्षा से पहले आरोपी ने कहा कि उनकी नियुक्ति 100 प्रतिशत तय है। परीक्षा के बाद भी यही भरोसा दिलाया जाता रहा। 30 अप्रैल को आरोपी ने एक्स सर्विसमैन की मेरिट सूची की एक कटिंग भी भेजी। इसमें सामान्य वर्ग की मेरिट 266 दिखाई गई थी। इसके बाद कहा गया कि दूसरे लोगों से ज्यादा रकम ली जाती है, लेकिन वह फौजी हैं इसलिए आठ लाख रुपये में उनका काम हो जाएगा। आरोपी ने यह भी दावा किया कि डीआईजी से उसकी बात हो चुकी है और विपिन को एसआई का पद ही मिलेगा। रिजल्ट आया तो नाम नहीं था, बताया- गलती हुई है 7 मई को परीक्षा का परिणाम आया तो विपिन का नाम नहीं था। उन्होंने रिजल्ट की तस्वीर आरोपी को भेजी और पूछा कि जब 100 प्रतिशत नौकरी का भरोसा दिया गया था तो नाम क्यों नहीं आया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कहा कि रिजल्ट में कुछ त्रुटियां हुई हैं और परेशान होने की जरूरत नहीं है, उनका नाम बाद में आ जाएगा। इसी दौरान फिर रकम की मांग की गई। विपिन ने पैसे देने से इनकार करते हुए रकम वापस मांगी तो आरोपी ने भरोसा दिलाया कि अगर नौकरी नहीं लगी तो पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद भी राहुल कुमार के नाम पर 12 मई को 50 हजार और 45 हजार रुपये तथा 2 जून को 50 हजार रुपये भेजे गए। दस्तावेज सत्यापन के नाम पर लखनऊ बुलाया जब विपिन ने लगातार रकम देने के बाद नौकरी का कोई ठोस प्रमाण मांगा तो आरोपी ने कहा कि कार्यालय में मोबाइल ले जाना संभव नहीं है। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन के नाम पर पहले 17 जून और फिर 18 जून को लखनऊ बुलाया गया। विपिन के मुताबिक, वह 18 जून की सुबह चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गए। आरोपी ने उन्हें स्टेशन पर इंतजार करने को कहा। कुछ देर बाद मैसेज आया कि वीआईपी लोग आ रहे हैं और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आने के कारण उस दिन दस्तावेज सत्यापन नहीं होगा। उन्हें वापस घर जाने के लिए कहा गया। विपिन ने सुरेश से फोन पर अपनी नाराजगी भी जताई कि इतनी दूर बुलाकर उन्हें परेशान क्यों किया जा रहा है। इसके बाद वह वापस प्रयागराज लौट आए। फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आया तो पैसा मांगा बाद में जब रनिंग और आगे की प्रक्रिया में भी विपिन का नाम नहीं आया तो उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। आरोप है कि उन्हें पहले अंतिम मेरिट सूची आने का इंतजार करने को कहा गया। विपिन ने अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड और शाखा का विवरण भी भेज दिया। इसके बावजूद पैसा वापस नहीं किया गया। आरोपी ने कहा कि कैंसिल लेटर आने के बाद पूरी रकम खाते में डाल दी जाएगी। बाद में 6 अगस्त को रकम लौटाने की तारीख तय की गई, लेकिन शिकायतकर्ता को रकम वापस नहीं मिली। जिस एसएसपी का नाम लिया, उसका नंबर बंद मिला विपिन ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुरेश चौहान जिस एके सिंह को क्राइम ब्रांच का एसएसपी बताकर नौकरी लगवाने की बात करता रहा, उस नंबर की जांच करने पर वह स्थायी रूप से बंद मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस नंबर पर उसके साथ लंबे समय तक व्हाट्सऐप पर बातचीत हुई, वह सिम भी सुरेश चौहान के नाम पर दर्ज है। इसी आधार पर उसे शक हुआ कि उसके साथ योजनाबद्ध तरीके से ठगी की गई है। अलग-अलग खातों में गई रकम, नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस शिवकुटी थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की जांच करेगी, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही क्यूआर कोड किसके नाम और किस बैंक खाते से जुड़े थे, इसका भी सत्यापन कराया जाएगा। व्हाट्सऐप चैट से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि नौकरी दिलाने का झांसा देने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अयोध्या में सोने-चांदी से बने झूले पर झूल रहे सिया-राम:पूर्णिमा तक विराजमान रहेंगे, आरती-भोग और शयन की परंपरा भी झूलन पर हो रही
    Next Article
    बहराइच में धर्मकांटा कर्मचारी पर बदमाशों का हमला:गल्ले की चाबी मांगने पर मारपीट, पुलिस जांच में जुटी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment