Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रीवा संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मुर्दा बताया:जूनियर डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा; 1 घंटे बाद मॉर्च्यूरी में चलने लगी पल्स

    18 hours ago

    1

    0

    रीवा के संजय गांधी अस्पताल में शनिवार शाम जूनियर डॉक्टर ने इलाज के दौरान 66 वर्षीय मरीज को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्यूरी भेज दिया। करीब एक घंटे बाद मरीज की पल्स दोबारा चलने लगी। इसके बाद मरीज को मॉर्च्यूरी से वापस लाकर अस्पताल में दोबारा भर्ती किया गया। परिजन के मुताबिक, मरीज का नाम गिरिजा प्रसाद गुप्ता है और वे सीधी के रहने वाले हैं। परिजन शुक्रवार रात 11:25 बजे गिरिजा प्रसाद को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल लेकर आए थे। वह 4B जनरल मेडिसिन वार्ड में भर्ती हुए थे। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव सौंपने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। जूनियर डॉक्टर चेकअप और इलाज कर रहे थे मरीज को मृत घोषित किए जाने के समय अस्पताल में कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उस समय जूनियर डॉक्टर मरीज का चेकअप और इलाज कर रहे थे। डॉक्टर टीके सिंह मरीज की उम्र 80 साल बता रहे हैं। जबकि दस्तावेजों में उनकी उम्र 66 साल लिखी हुई है। प्रत्यक्षदर्शी योगेंद्र शुक्ला ने बताया-यह घटना उनके सामने हुई। किसी जीवित व्यक्ति को मृत कैसे घोषित किया जा सकता है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। योगेंद्र शुक्ला ने कहा कि कल्पना मिश्रा मामले की जांच पहले से चल रही है। इसी बीच यह घटना सामने आई है। SDM बोले- कभी-कभी ऐसी स्थिति हो सकती है एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार उपचार के दौरान गिरिजा प्रसाद की पल्स बंद हो गई थी, लेकिन दोबारा चलने लगी। एसडीएम के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि कभी-कभी ऐसी स्थिति हो सकती है। मामले में अस्पताल की व्यवस्था के साथ मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि गिरिजा प्रसाद की जांच किस डॉक्टर ने की थी, मृत्यु की पुष्टि किस आधार पर की गई और मॉर्च्यूरी भेजने से पहले कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की गई थी। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का अस्पताल में प्रदर्शन घटना से नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ता रात में अस्पताल परिसर में बैठ गए हैं। वे अधीक्षक से मिलने की जिद कर रहे हैं। पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच झूमा झटकी और धक्का-मुक्की हुई है। ……………………………… यह खबर भी पढ़ें मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए, मुझे मार डालेंगे मां', VIDEO:मदद मांगने के कुछ घंटे बाद गर्भवती की मौत रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए। परिजन ने कहा- इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, इसलिए जान चली गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    4 चुनावी राज्यों में 1 दिसंबर से जनगणना:यूपी, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में 30 नवंबर तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे लोग
    Next Article
    रागिनी बोलीं- कैलाशजी...भाजपा को ‘घंटा’ फायदा होगा:कहा-बोलने से पहले गिरेबान में झांकिए; विजयवर्गीय बोले थे- राहुल के आने से हमें ही फायदा होगा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment