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    Rishikesh में International Yoga Festival का आगाज, CM Dhami बोले- 'युवा योग को जीवन का हिस्सा बनाएं'

    3 hours from now

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    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योग को केवल व्यायाम नहीं बल्कि समग्र जीवन पद्धति बताते हुए सोमवार को युवओं से इसेजीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। यहां मुनि की रेती में गंगा रिजॉर्ट में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव- 2026 का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि समग्र जीवन पद्धति है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश के युवाओं से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते हैं और इसे दूर करने में योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है। धामी ने योग को भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया और कहा कि हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से तन, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वह पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है और हमारे लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने योग नीति- 2025 बनायी है जिसके तहत प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जबकि हर जिले में 50 और 10 बिस्तर वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। धामी ने कहा कि इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक आध्यात्मिक आर्थिक जोन (स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन) की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा यह अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के सत्रों के साथ-साथ ‘रन फॉर योग’, ‘हेरिटेज वॉक’ तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना की शुरुआत की। प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग एक स्वस्थ जीवन शैली के साथ ही रोजगार भी प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग सदैव अध्यात्म का साधन रहा है जिसके माध्यम से स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक शांति भी प्राप्त कर सकते हैं। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार योग महोत्सव में 2500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं जिसमें 30 देशों के 250 अतिथि भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योग महोत्सव को सफल बनाने के लिए 150 योग संस्थाओं का सहयोग लिया गया है।
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