Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सहारनपुर में नए डीएम अरविंद चौहान का अलग अंदाज:बिना सूचना पहुंचे SSP कार्यालय, चार्ज संभालते ही 30 मिनट की मुलाकात

    11 hours ago

    2

    0

    सहारनपुर के नए डीएम अरविंद कुमार चौहान ने पदभार संभालने के बाद अपनी कार्यशैली से प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद बुधवार दोपहर को वे बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जिससे सभी हैरान रह गए। डीएम अरविंद चौहान के अचानक पहुंचने पर एसएसपी अभिनंदन भी कुछ देर के लिए अचंभित रह गए। सामान्यतः ऐसी मुलाकातें पूर्व निर्धारित होती हैं, लेकिन डीएम का यह औचक दौरा चर्चा का विषय बन गया है। दोनों अधिकारियों के बीच लगभग आधे घंटे तक विभिन्न प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद डीएम पुलिस लाइन से रवाना हो गए। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन इसके अचानक होने के तरीके ने सबका ध्यान खींचा है। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहली बार है जब किसी डीएम ने खुद एसएसपी कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की हो। आमतौर पर ऐसे संवाद बैठकों या आधिकारिक आयोजनों के दौरान ही होते हैं। DM अरविंद कुमार चौहान अपनी सक्रिय कार्यशैली के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं। शामली में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने जमीन पर बैठकर एक बुजुर्ग महिला की शिकायत सुनी थी। इसके अलावा, एक मरीज को अपनी गाड़ी में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था। उनकी इसी जमीनी और सक्रिय कार्यशैली की झलक अब सहारनपुर में भी दिख रही है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि डीएम का यह कदम जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल हो सकता है। शहर में इस घटना को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ इसे प्रशासनिक सख्ती और सक्रियता का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे एक नई कार्यशैली की शुरुआत बता रहे हैं। डीएम के इस कदम से यह स्पष्ट है कि वे पारंपरिक तरीकों से हटकर काम करने में विश्वास रखते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कन्या सुमंगला से हजारों बेटियों को लाभ:रामपुर डीएम ने कहा- पेंशन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहारा
    Next Article
    भूमिहीन महिला को 6 साल से सरकारी मदद नहीं मिली:पति की मौत के बाद चार बच्चों को अकेले पाल रही, राशन कार्ड भी नहीं; DM से लगाई गुहार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment