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    सहारनपुर में सिंचाई विभाग की जमीन से 70 अतिक्रमण ध्वस्त:मकान-दुकान तोड़े गए, पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की

    1 hour ago

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    सहारनपुर में प्रशासन ने सिंचाई विभाग की जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार दूसरे दिन अभियान चलाया। गुरुवार को सर्किट हाउस से हसनपुर चुंगी तक चले इस अभियान में लगभग 70 मकान, दुकान और कुछ स्कूलों के हिस्से ध्वस्त किए गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अतिक्रमण लंबे समय से सिंचाई विभाग की भूमि पर था, जिससे सड़क चौड़ीकरण और बड़े नाले के निर्माण में बाधा आ रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और कई स्थानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे। अतिक्रमण न हटाए जाने के बाद प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अभियान की शुरुआत सर्किट हाउस से हुई, जहां मानकों के अनुरूप न होने के कारण एक गेट भी हटाया गया। यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से हसनपुर चौक तक जारी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। दूसरी ओर, जिन लोगों के मकान और दुकानें ध्वस्त की गईं, उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की है। पीड़ितों का दावा है कि वे वर्षों से इन स्थानों पर रह रहे थे। उनका यह भी आरोप है कि कुछ साल पहले नगर निगम की कार्रवाई के दौरान उन्हें अपनी रजिस्ट्री के अनुसार निर्माण की अनुमति दी गई थी। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें एक दिन पहले 4 मार्च तक का समय दिया गया था, लेकिन उससे पहले ही अचानक बुलडोजर चलाकर उनके घरों को तोड़ दिया गया। पीड़ितों ने इस कार्रवाई को प्रशासन की तानाशाही बताते हुए मुआवजे की मांग की है। उनका तर्क है कि पर्याप्त समय दिए बिना की गई इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखा गया, हालांकि मौके पर तैनात सुरक्षा बलों के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन और पीड़ितों के बीच मतभेद स्पष्ट हैं।
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