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    सहारनपुर में VDO के दो ठिकानों पर छापेमारी:मेरठ से आई विजिलेंस की टीम कर रही कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति का मामला, जेल में है VDO

    11 hours ago

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    सहारनपुर में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस और एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की। मेरठ से आई एंटी करप्शन टीम सुबह करीब 7 बजे सहारनपुर पहुंची और गागलहेड़ी क्षेत्र से जुड़े ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संजय कुमार वालिया के दो ठिकानों—उनके आवास और प्रॉपर्टी ऑफिस—पर एक साथ दबिश दी। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने दस्तावेज, फाइलें और संपत्ति से जुड़े कागजात अपने कब्जे में लिए। बताया जा रहा है कि टीम बैंक खातों, जमीन-जायदाद और निवेश के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब संजय वालिया पहले से ही जेल में बंद हैं। चार महीने पहले उन्हें 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। चार महीने पहले गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को एक ठेकेदार से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। आरोप था कि निर्माण कार्यों के बकाया भुगतान की एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी। परागपुर निवासी ठेकेदार अरविंद ने शिकायत की थी कि उसने गांव में आंगनबाड़ी केंद्र और ढाला में फूडग्रेन शॉप का निर्माण कराया था। दो साल से उसका भुगतान लंबित था, जबकि अन्य ठेकेदारों का भुगतान किया जा चुका था। आरोप था कि भुगतान जारी करने के लिए उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई। ठेकेदार ने पहले जिलाधिकारी से शिकायत की और फिर एंटी करप्शन टीम को सूचना दी थी। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया था। ठेकेदार ने फोन पर बातचीत कर अधिकारी को पैसे लेने के लिए गांव बुलाया था। जैसे ही 20 हजार रुपये दिए गए, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर अधिकारी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। एंटी करप्शन जांच में यह भी सामने आया था कि बकाया भुगतान जारी करने के बदले 15 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था। परागपुर के ठेकेदार से तय प्रतिशत से अधिक रकम मांगी गई थी। जब उसने इंकार किया, तो उसका भुगतान रोक दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि अब आय से अधिक संपत्ति की जांच में यह देखा जा रहा है कि रिश्वत के जरिए अर्जित रकम को कहां और कैसे निवेश किया गया। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
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