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    स्कूटी मिली लेकिन नहीं मिला हादसे का कोई सबूत:किनानगर में मोहित के घर पहुंची टीम ने जांच को बढ़ाया आगे, धीमी पड़ी गति

    1 hour ago

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    मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के प्रकरण में पुलिस की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद जांच टीम ने सोमवार को मोहित के घर पहुंच कर उस स्कूटी का मौका मुआयना किया जिससे गिरकर दोनों के चोटिल होने की पुलिस द्वारा बात कही गई थी। जल्द दिग्विजय भाटी के रूम पर भी यह टीम जांच करने पहुंच सकती है। खास बात यह है कि स्कूटी पर हादसे से जुड़ा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। दरअसल, किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें धोखे से अपने कार्यालय में बुलाया और थर्ड डिग्री दी। मामला तूल पकड़ गया और अविनाश पांडे को हटा दिया गया। हालांकि हटाने से पहले अविनाश पांडे के द्वारा अधिकृत तौर पर बयान जारी किया गया था की दोनों नेता स्कूटी फिसलने से चोटिल हुए हैं। डीआईजी सहारनपुर कर रहे जांच इस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सरकार को भी घेरने का प्रयास किया। सपा विधायक अतुल प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। एडीजी जोन भानु भास्कर ने तत्काल जांच बैठा दी और डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को नियुक्त कर दिया। दोनों पक्षों के दर्ज हो चुके हैं बयान जांच मिलते ही अभिषेक सिंह मेरठ पहुंच गए और उन्होंने बड़ी-बड़ी दोनों पक्षों से बयान दर्ज किया। उनके द्वारा बाकायदा वीडियोग्राफी भी की गई है।उनके निर्देशन में जांच कर रहीं टीमों के द्वारा अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जा रही है। एक टीम ने मोहित के घर किनानगर पहुंच कर जांच की तो वहां एक स्कूटी पुलिस को खड़ी मिली। जांच टीम ने की स्कूटी की वीडियोग्राफी स्कूटी मिलने के बाद जांच टीम ने परिवार के लोगों से बात की और उसका टेक्निकल निरीक्षण किया। सूत्र बताते हैं कि स्कूटी में किसी तरह का कोई एक्सीडेंटल साक्ष्य नहीं मिला है। फिलहाल यह साबित नहीं हो पा रहा की डॉक्टर दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव इसी स्कूटी से गिरकर चोटिल हुए थे। सवालों के घेरे में आई पुलिस कार्रवाई मोहित जाटव के घर स्कूटी सही मिलने के बाद पुलिस कार्यवाही पर भी सवाल खड़े हुए हैं। तत्कालीन सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ की कार्य प्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारों की माने तो आमतौर पर ऐसी स्थिति में पुलिस उस वाहन का तत्काल निरीक्षण कर उसे केस प्रॉपर्टी बनाकर कब्जे में लेती है लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया। दिग्विजय भाटी के घर जा सकती है टीम इस मामले में जल्द एक जांच टीम दिग्विजय भाटी के घर भी जा सकती है। वैसे तो पुलिस ने मोहित की स्कूटी से एसएसपी ऑफिस आने की बात कही थी लेकिन माना जा रहा है कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर सकती है कि कहीं दिग्विजय भाटी की स्कूटी से तो दोनों एसएससी ऑफिस नहीं आए थे। जांच रिपोर्ट के लिए करना होगा इंतजार धीरे-धीरे में इस घटना को एक सप्ताह बीत रहा है। दिग सहारनपुर अभिषेक सिंह को भी जांच सौंपे हुए काफी दिन हो गए हैं लेकिन फिलहाल जांच रिपोर्ट सामने आने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
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