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    सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर एसएफआई का प्रदर्शन:भेदभाव रोकने के लिए 'रोहित एक्ट' लागू करने की मांग, राष्ट्रपति को भेजा मांग पत्र

    8 hours ago

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    सुल्तानपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा' रेगुलेशन, 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के बाद 'रोहित एक्ट' लागू करने की मांग की। एसएफआई ने राष्ट्रपति को संबोधित एक मांग पत्र डीएम के माध्यम से सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। एसएफआई ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के इन विनियमों पर रोक लगा दी है। दावा है कि ये विनियम जातिगत भेदभाव को 18 प्रतिशत तक बढ़ा सकते थे। हालांकि, एसएफआई ने पहले इन विनियमों का समर्थन किया था, क्योंकि इनमें जातीय, लैंगिक, धार्मिक, दिव्यांगता और आर्थिक आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही गई थी। एसएफआई ने मांग रखी कि इन यूजीसी विनियमों को बदलकर 'रोहित एक्ट' लागू किया जाए। इस एक्ट का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके तहत समितियों और प्रशासन को निष्पक्ष, चुने हुए छात्र प्रतिनिधियों के साथ मिलकर निष्पक्षता सुनिश्चित करनी होगी। संगठन ने अपनी मांगों में एक बाहरी, वैधानिक समिति के गठन को शामिल किया है। इस समिति में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का बहुमत प्रतिनिधित्व होना चाहिए और यह विश्वविद्यालय प्रशासन से स्वतंत्र होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, अस्पष्ट परिभाषाओं की जगह आपराधिक कृत्यों जैसे सामाजिक बहिष्कार, अलगाव और आत्महत्या के लिए उकसाने की एक विशिष्ट सूची तैयार करने की मांग की गई है। एसएफआई ने अपराधियों के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आपराधिक मुकदमा चलाने और लापरवाह प्रशासकों पर आपराधिक लापरवाही के आरोप लगाने की भी मांग की है। देशपांडे समिति की सिफारिशों के अनुसार, संगठन ने सबूत का बोझ संस्थानों पर डालने और यूजीसी की सलाहकार समिति से परे, स्वतः जांच शक्तियों वाला एक राष्ट्रीय निगरानी आयोग स्थापित करने की भी मांग की है। एसएफआई की सुल्तानपुर इकाई के जिलाध्यक्ष सलिल धरिया और जिला सचिव दुर्गेश यादव ने राष्ट्रपति से इन मांगों पर उचित कार्यवाही कर देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में हो रहे जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का निवेदन किया।
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