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    सुल्तानपुर में Invest UP परियोजना में करोड़ों की ठगी:बैंक्वेट हॉल निर्माण अधूरा छोड़ 1.46 करोड़ हड़पने का आरोप, एसपी के निर्देश पर FIR

    2 hours ago

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    सुल्तानपुर में इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) योजना के तहत पंजीकृत एक पर्यटन परियोजना में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शुभम बरनवाल नामक व्यक्ति ने एक दिल्ली स्थित कंपनी के निदेशक और उसके सहयोगियों पर बैंक्वेट हॉल का निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर 1 करोड़ 46 लाख 50 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कोतवाली नगर गोराबारिक अमहट निवासी शुभम बरनवाल ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनकी बैंक्वेट हॉल/पर्यटन परियोजना उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग में विधिवत पंजीकृत है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी इन्वेस्ट यूपी योजना के अंतर्गत स्वीकृत है। निर्माण कार्य के लिए गूगल के माध्यम से दिल्ली स्थित केडेन कॉपर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Kaden Koppers India Pvt. Ltd.) के निदेशक विनय गुप्ता से संपर्क किया था। गुप्ता ने अपनी कंपनी का जीएसटी नंबर, पेशेवर स्टाफ और सरकारी परियोजनाओं का झूठा अनुभव दिखाकर शुभम को विश्वास में लिया। विनय गुप्ता ने अपने सहयोगियों सीए विनय प्रकाश, इंजीनियर कोमल आर्य और सुपरवाइजर विमलेश के साथ मिलकर कथित तौर पर धोखाधड़ी की योजना बनाई। 18 अप्रैल 2024 को विनय गुप्ता ने पहला अनुबंध किया, जिसमें निर्माण कार्य 30 दिनों में पूरा करने की शर्त थी। इस अनुबंध के आधार पर शुभम बरनवाल ने कई किस्तों में कुल 33 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन और 2 लाख रुपये नकद दिए। हालांकि, आरोप है कि अभियुक्तों ने जानबूझकर कार्य शुरू नहीं किया। इसके बाद, अभियुक्तों ने कथित तौर पर झूठे आश्वासन देकर 3 सितंबर 2024 को दूसरा अनुबंध कराया। इसमें 1 करोड़ 18 लाख रुपये में 90 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने की बात कही गई थी। इस अनुबंध के तहत, बरनवाल ने 5 सितंबर 2024 से जनवरी 2026 तक बैंक लेनदेन के माध्यम से 90 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों के दबाव और छल से 16 लाख रुपये नकद सीए विनय प्रकाश को और 5 लाख रुपये नकद सुपरवाइजर विमलेश सूरज को दिए गए। कुल मिलाकर, शुभम बरनवाल ने परियोजना के लिए 1 करोड़ 46 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया। शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने लगभग 25 लाख रुपये का कार्य जानबूझकर नहीं किया, निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया और पैसा हड़प लिया। बरनवाल का कहना है कि इससे उनकी जीवन भर की पूंजी, भविष्य और रोजगार समाप्त हो रहा है, साथ ही इन्वेस्ट यूपी योजना और सरकारी विश्वास को भी गंभीर क्षति पहुंची है। परियोजना के लिए बैंक से ऋण लेने के कारण, कार्य अधूरा होने से बैंक द्वारा लगातार वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। जब बरनवाल ने कार्य पूरा करने या धन वापसी की मांग की, तो अभियुक्तों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने, जेल भिजवाने और जानबूझकर काम को गलत तरीके से करने की धमकी दी। नगर कोतवाल संदीप राय ने बताया एसपी के आदेश पर अभियोग दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस विवेचना जारी है।
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