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    सुलतानपुर में विवादित इंस्पेक्टर को CCTNS का सौंपा प्रभार:फर्जी मुठभेड़ में दिव्यांग वृद्ध को भेजा था जेल, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को किया है तलब

    14 hours ago

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    सुल्तानपुर में एक प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ हाईकोर्ट द्वारा थानों से सीसीटीवी फुटेज न मिलने के मामले में मुख्य सचिव को जांच के लिए तलब किए जाने के बावजूद, बुधवार रात्रि एक विवादित इंस्पेक्टर विजय सिंह को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) का प्रभार सौंपा गया है। यह इंस्पेक्टर उसी मामले से जुड़ा है जिसकी जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने दिए थे। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के निष्क्रिय होने और फुटेज उपलब्ध न कराने पर गंभीर टिप्पणी की थी। अदालत ने इसे बार-बार होने वाली गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निष्क्रिय कैमरों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर विजय सिंह, जो तत्कालीन थानाध्यक्ष मोतिगरपुर थे, की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उन्हें अब सीसीटीएनएस जैसी महत्वपूर्ण प्रणाली की जिम्मेदारी दी गई है। सीसीटीएनएस राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपराध और अभियुक्तों का डिजिटल डाटा प्रबंधन करने वाली एक संवेदनशील व्यवस्था है। इस निर्णय से पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी मामले की उच्चस्तरीय जांच लंबित हो, तब संबंधित अधिकारी को संवेदनशील दायित्व सौंपना जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। पुलिस विभाग की ओर से इस निर्णय पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला मोतिगरपुर क्षेत्र के बढ़ौनाडीह निवासी 40 प्रतिशत दिव्यांग श्याम सुंदर अग्रहरि (56) से जुड़ा है। अधिवक्ता शिवेंद्र शिवम सिंह राठौर के माध्यम से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया था कि 6/7 सितंबर की रात करीब एक बजे पुलिसकर्मी बिना वारंट उनके घर में घुसे और जबरन हिरासत में लेकर मारपीट की। दिव्यांग श्याम सुंदर अग्रहरि ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मुकदमे (केस क्राइम नंबर 241/2025, धारा 109 आईपीसी 2023) में फंसाया गया, जबकि पूर्व में दर्ज मामले में सत्र न्यायालय ने उन्हें स्थायी अग्रिम जमानत दे रखी थी। तत्कालीन एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने इंस्पेक्टर विजय सिंह समेत कई पर कार्रवाई भी की थी।
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