Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाओ, नहीं तो पेंशन बंद हो जाएगी':गोरखपुर में रिटायर्ड PNB कर्मचारी से बोले जालसाज, 5.63 लाख की ठगी की

    9 hours ago

    1

    0

    गोरखपुर में पेंशन बंद हो जाने का डर दिखा कर जालसाजों ने रिटायर्ड PNB कर्मचारी को सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने का झांसा दिया। बातों में फंसाकर 5 लाख 63 हजार रुपए ठग लिए। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने चिलुआताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद साइबर हेल्पडेस्क ने तत्परता दिखाते हुए अकाउंट होल्ड कराई और एक-एक डिजिटल कड़ी को जोड़ते हुए 5,57,000 रुपए पीड़ित को वापस लौटा दिए। कॉल कर सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने की बात कही पीएनबी से रिटायर्ड पीड़ित कर्मचारी फणिश चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि दिसंबर 2025 में उनके पास एक कॉल आया। जालसाज ने खुद को PNB में रिलेशनशिप मैनेजर बताया और कहा कि रिटायर्ड लोगों के लिए सीनियर सिटीजन कार्ड बनाया जा रहा है। आप भी बनवा ली लीजिए, नहीं तो पेंशन नहीं मिलेगा। साथ ही इस कार्ड के बन जाने से यात्रा और अन्य चीजों में कई तरह की लाभ मिलेगा। बुजुर्ग उसकी बातें सुनकर घबरा गया और जो- जो डिटेल उसने मांगे पीड़ित ने दे दिया। इसके बाद पीड़ित के 6 बैंक खातों से लगभग 5 लाख 63 हजार रुपए गायब हो गए। जालसाजी की जानकारी होने पर वे पुलिस थाना जाकर शिकायत किए। म्यूल अकाउंट में पहुंचे 3.48 लाख तुरंत किए फ्रीज पीएनबी से रिटायर्ड कर्मचारी फणिश चन्द्र त्रिपाठी ने जैसे ही ठगी का प्रार्थना पत्र थाने में दिया, साइबर हेल्पडेस्क ने बिना वक्त गंवाए नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान तकनीकी टीम को पता चला कि 3,48,001 रुपए ठगों के म्यूल बैंक अकाउंट में जमा हुए हैं। पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क कर इस रकम को होल्ड कराया और कोर्ट के आदेश से यह पूरा पैसा पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करवा दिया। फेसबुक पर विज्ञापनों में खर्च 2.09 लाख भी कराए रिकवर पुलिस के अनुसार बाकी रकम को वापस कराने के लिए जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जालसाजों ने ठगी के 2,09,001 रुपए फेसबुक (Meta) पर फर्जी विज्ञापन (एड्स) चलाने के लिए ट्रांसफर कर दिए थे। इन विज्ञापनों का इस्तेमाल दूसरे बुजुर्गों और सीनियर सिटीजन्स को फंसाने के लिए किया जा रहा था। मामला बैंक खातों से आगे निकल चुका था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। पुलिस ने Meta से की संपर्क चिलुआताल थाने में FIR दर्ज कर पुलिस टीम ने सीधे Facebook (Meta) Business से संपर्क साधा। विज्ञापनों के भुगतान से जुड़े 2,09,000 रुपए सिटी बैंक में होल्ड कराए गए। इसके बाद कोर्ट के जरूरी आदेश हासिल कर मेटा और बैंक से लगातार तालमेल बिठाकर यह रकम भी पीड़ित को वापस दिलवा दी गई और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की तत्परता से ठगी के पैसे वापस पाकर पीड़ित बुजुर्ग बहुत ही खुश हुआ। और टीम को धन्यवाद किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अमरोहा में 6 मिलावटी खाद्य सैंपल पर 3.55 लाख जुर्माना:मावा, पनीर, साबूदाना समेत कई चीजों में मिलावट मिली; 2 लाख जुर्माना
    Next Article
    एटा में मामूली विवाद पर घर में घुसकर मारपीट:एक की हालत गंभीर, पुलिस ने मेडिकल कराया; आगरा में चल रहा इलाज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment